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कोलकाता: 15 लाख की इनामी हार्डकोर महिला माओवादी गिरफ्तार, साथी ने भी किया आत्मसमर्पण 

Published: Tue, 12 May 2026 08:25 PM (IST)

कोलकाता पुलिस ने झारखंड की 15 लाख रुपये की इनामी महिला माओवादी नेता श्रद्धा विश्वास उर्फ बेला को गिरफ्तार किया ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. कोलकाता में 15 लाख की इनामी महिला माओवादी गिरफ्तार।

  2. झारखंड की सक्रिय सदस्य श्रद्धा विश्वास उर्फ बेला पकड़ी गई।

  3. एक अन्य माओवादी माधई पात्रा ने किया आत्मसमर्पण।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की राजधानी कोलकाता में पुलिस को माओवादी विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोलकाता पुलिस ने उत्तर काशीपुर इलाके में छापेमारी कर झारखंड की कुख्यात महिला माओवादी नेता श्रद्धा विश्वास उर्फ बेला को गिरफ्तार किया है। झारखंड सरकार ने बेला पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह झारखंड क्षेत्रीय समिति की सक्रिय सदस्य रही है।

20 वर्षों से पुलिस को दे रही थी चकमा

नदिया जिले के चकदह की रहने वाली श्रद्धा 2005 से झारखंड के माओवादी गलियारों में सक्रिय थी। उस पर झारखंड के घाटशिला, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्रों में हत्या और आगजनी जैसे 20 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने मंगलवार को अलीपुर बाडीगार्ड लाइंस में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि श्रद्धा 2004-05 में पश्चिम मेदिनीपुर के बेलपहाड़ी में एक मामले में पकड़ी गई थी, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह भूमिगत होकर झारखंड चली गई और फिर कभी वापस नहीं लौटी।

बीमार हालत में पहुंची थी कोलकाता

पुलिस आयुक्त के अनुसार, श्रद्धा की शारीरिक स्थिति वर्तमान में ठीक नहीं है। वह किसी गुप्त कारण से कोलकाता आई हुई थी, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। अब झारखंड पुलिस भी उससे पूछताछ करने के लिए कोलकाता आएगी ताकि राज्य में सक्रिय माओवादी नेटवर्क का खुलासा हो सके।

मुख्यधारा में लौटा एक और माओवादी

इसी अभियान के बीच, हुगली के जंगीपाड़ा निवासी माधई पात्रा नामक एक अन्य माओवादी ने भी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। 2007 में पहली बार गिरफ्तार होने के बाद माधई भी जमानत पर छूटकर झारखंड के माओवादी गुटों में शामिल हो गया था। आत्मसमर्पण के बाद माधई ने कहा कि शुरुआत में संगठन के आदर्श अच्छे थे, लेकिन बाद में नीतियों में बदलाव आ गया। अब समाज बदल चुका है और मैं विकास की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीना चाहता हूं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य की पुनर्वास नीति के तहत माधई को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।