बंगाल:जलपाईगुड़ी में ममता समर्थक पार्षदों के घरों पर हमला, बोर्ड गठन को लेकर तनाव
जलपाईगुड़ी नगर पालिका में बोर्ड गठन विवाद के बीच ममता समर्थक पार्षदों के घरों पर हमला हुआ, जिसमें गोलियां भी चलीं और धमकी दी गई।

ममता समर्थक पार्षदों के घर पर हमला
HighLights
जलपाईगुड़ी में ममता समर्थक पार्षदों के घरों पर हमला हुआ।
हमलावरों ने बोर्ड गठन प्रक्रिया में शामिल न होने की धमकी दी।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी। जलपाईगुड़ी नगर पालिका में बोर्ड गठन को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच शनिवार तड़के ममता बनर्जी समर्थक पार्षदों के घरों पर हमले हुए। गोलियां भी चलीं। इससे शहर में तनाव का माहौल है।
पार्षदों का आरोप है कि शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे से एक घंटे तक कई घरों को निशाना बनाया गया। हमलावरों ने बोर्ड गठन की प्रक्रिया में शामिल नहीं होने की धमकी दी और ऐसा करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। पार्षदों ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और शिकायत में दिए गए विवरण के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
ममता समर्थक पार्षदों के अनुसार 15 नंबर वार्ड के पार्षद तपन बंद्योपाध्याय के घर के बाहर तड़के करीब तीन बजे कुछ लोग पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए नगर पालिका बोर्ड गठन की प्रक्रिया में शामिल नहीं होने की धमकी दी।
पार्षदों का दावा है कि तपन बंद्योपाध्याय के अलावा 18 नंबर वार्ड के उत्तम बोस, 19 नंबर वार्ड की लोपामुद्रा अधिकारी सहित अन्य पार्षदों के घरों को भी निशाना बनाया गया। लोपामुद्रा अधिकारी के घर पर सीसीटीवी कैमरा तोड़े जाने का आरोप लगाया गया है।
उत्तम बोस ने आरोप लगाया कि उनके घर पहुंचकर हथियार दिखाते हुए परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। हालांकि, भाजपा की ओर से आरोपों को खारिज किया गया है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी हिंसा की राजनीति में विश्वास नहीं करती। भाजपा ने इसके लिए तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी विवाद को जिम्मेदार ठहराया गया है। राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष से भी घटना को लेकर सवाल किया गया।
उन्होंने कहा कि भाजपा गुंडों के सहारे राजनीति नहीं करती और न ही ऐसे लोगों को संरक्षण देती है। घटना को लेकर कांग्रेस ने भी चिंता जताई। टाउन ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अम्लान मुंशी ने कहा कि पहले पार्टी कार्यालय पर हमले की घटना सामने आई थी और अब निर्वाचित पार्षदों के घरों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगा है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
