कोलकाता, एजेंसी। ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा मामले में आईएसएफ के विधायक नौशाद सिद्दीकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसी मामले में अब ISF के संस्थापक पीरजादा मोहम्मद अब्बास सिद्दीकी ने कहा कि यह लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश है।

'सत्ताधारी दल ISF से डरा हुआ है'- पीरजादा

नौशाद सिद्दीकी की गिरफ्तारी पर पीरजादा मोहम्मद अब्बास सिद्दीकी ने समाचार एजेंसी एएनआइ (ANI) से कहा, 'यह लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश है। हम नहीं जानते कि जिन लोगों ने संघर्ष शुरू किया वे पुलिस वाले थे या सत्ता पक्ष के समर्थक थे। ISF के पास केवल 1 विधायक है, फिर भी, पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल ISF से डरा हुआ है।

उन्होंने आगे कहा, 'ऐसा इसलिए है क्योंकि सभी धार्मिक समुदायों और यहां तक कि पिछड़े समुदायों के लोग खुद को आईएसएफ से जोड़ रहे हैं। इसलिए वे ISF को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। सत्ता में बैठे लोग कानून का उल्लंघन कर रहे हैं।'

नौशाद को विशेष कोर्ट में पेश किया गया

विशेष कोर्ट ने नौशाद सिद्दीकी को फिलहाल 1 फरवरी तक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। विधायक नौशाद पर आरोप है कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धर्मतल्ला में हिंसा की घटना को अंजाम दिया था। सड़कों पर तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की गई है। नौशाद पर दंगे भड़काने का आरोप लगा है।

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19 कार्यकर्ताओं को कोर्ट में किया गया पेश

हिंसा भड़काने के आरोप में कोर्ट ने 1 फरवरी तक आईएसएफ के 19 कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। नौशाद समेत 18 अन्य आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि

आईएसएफ के विरोध प्रदर्शन में धमर्तल्ला में हिंसा की गई थी। एक तरफ आईएसएफ का कहना है कि उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जबकि पुलिस कह रही है कि आईएसएफ कार्यकर्ता योजना के तहत हिंसा फैलाना चाहते थे।

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Edited By: Nidhi Avinash

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