कोलकाता, जागरण संवाददाता। कोलकाता स्टेशन से शुक्रवार रात 197 किलो मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार पांच चाइनीज तस्करों ने जीआरपी को मामला रफा-दफा करने के लिए मोटी रकम रिश्वत में देने की पेशकश की थी। जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है।

जांच में जुटी सीआइडी के सूत्रों के मुताबिक, करीब 39 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित ड्रग्स की खेप के साथ पकड़े जाने के बाद पांचों तस्करों ने मामले को रफा-दफा करने व उसे छोड़ने के लिए जीआरपी को भारी रिश्र्वत देने की पेशकश की थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तारी के बाद पांचों चीनी नागरिकों ने छोड़ने के लिए जीआरपी कर्मियों को मोटी रकम देने की बात कही थी। दूसरी तरफ, जांच में यह भी पता चला है कि ये पांचों तस्कर अक्सर भारत आते-जाते थे।

मामले की जांच से जुड़े एक आइपीएस अधिकारी ने बताया कि ये सभी 2016 से लगातार भारत आ रहे थे। इस दौरान वे नई दिल्ली, मुंबई सहित देश के कई शहरों में गए थे। इस बार इन्होंने 23 जून को भारत में प्रवेश किया था।

अधिकारी के मुताबिक, इनके यात्रा के उद्देश्य, निर्धारित गंतव्यों एवं इन शहरों में वे किन-किन लोगों से मिले और किसके इशारे पर व किसके लिए काम कर रहे थे इन सभी के बारे में सीआइडी बारीकी से पता लगा रही है। साथ ही ड्रग्स को किसको आपूर्ति की जाती थी इसकी पड़ताल की जा रही है।

इसके अलावा सीआइडी इस बात का पता लगाने की कोशिश में भी जुटी है कि क्या इन पांचों आरोपियों के किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह से संबंध तो नहीं है। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार पांचों चीनी नागरिकों से पूछताछ में भाषाई संबंधी दिक्कतें भी आ रही है। इसके लिए एक द्विभाषिए की मदद ली जा रही है।

उल्लेखनीय है कि जीआरपी ने आरोपियों के पास से 197 किलो प्रतिबंधित एम्फैटेमिन (टैब्लेट) नामक मादक पदार्थ के साथ पांच पासपोर्ट, 11 मोबाइल और कई चीनी व भारतीय डेबिट कार्ड आदि बरामद किया था। शुक्रवार रात करीब 10.15 बजे कोलकाता स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंची हजारदुआरी एक्सप्रेस से ये पांच चीनी नागरिक मुर्शिदाबाद से पहुंचे थे। ट्रेन से उतरने के बाद पांचों संदिग्ध तरीके से प्लेटफार्म पर घूम रहे थे।

उनके पास 6 बड़े सूटकेस देखकर जीआरपी को शक हुआ तो पूछताछ की गई। सूटकेस की तलाशी ली गई तो उसमें 20 पैकेट मिले, जिसमें 197 किलोग्राम मादक पदार्थ रखा हुआ था, जिसे कोलकाता में तस्करी के लिए लाया गया था। 

Posted By: Preeti jha