राज्य ब्यूरो, कोलकाता : सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बंगाल के सीमावर्ती जिले में अलग-अलग स्थानों से भारतीय सीमा में घुस आए 8 बांग्लादेशी नागरिकों को सद्भावना पूर्ण कदम के तहत बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) को सौंप दिया है। बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की ओर से सोमवार को एक बयान जारी कर बताया गया कि इन बांग्लादेशी नागरिकों को रविवार को अलग-अलग सीमा चौकी क्षेत्रों से पकड़ा गया था। 

मुर्शिदाबाद जिले के मदनघाट सीमा चौकी इलाके से  छह बांग्लादेशी पकड़े 

बयान के मुताबिक, इनमें मुर्शिदाबाद जिले के मदनघाट सीमा चौकी इलाके से जवानों ने छह बांग्लादेशी मछुआरों को रविवार दोपहर में पकड़ा जब वह अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा का उल्लंघन कर गंगा नदी के भारतीय जल क्षेत्र में घुस आए थे और मछली पकड़ रहे थे। बीएसएफ ने इन मछुआरों को दो मोटर चालित नौकाओं, मछली पकड़ने के सामानों तथा कुछ हिलसा मछलियों के साथ पकड़ लिया। 

बॉर्डर आउट पोस्ट चारमुराशी इलाके से  एक बांग्लादेशी किसान को पकड़ा

पूछताछ में इन मछुआरों ने बांग्लादेश के राजशाही जिले के एक ही गांव का रहने वाला बताया। एक अन्य घटना में मुर्शिदाबाद के ही बॉर्डर आउट पोस्ट चारमुराशी इलाके से बीएसएफ के गश्ती दल ने एक बांग्लादेशी किसान को पकड़ा, जो भारतीय फसलों की कटाई के इरादे से अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर घुस आया था। वह भी बांग्लादेश के राजशाही जिले का रहने वाला बताया।

सद्भावना पूर्ण कदम के तहत बीएसएफ ने सातों बांग्लादेशी नागरिक सौंपे

अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद बीएसएफ और पड़ोसी देश की सीमा पर तैनात बीजीबी के कंपनी कमांडरों के बीच फ्लैग मीटिंग के बाद  सद्भावना पूर्ण कदम के तहत बीएसएफ ने सातों बांग्लादेशी नागरिकों को उनके सामानों के साथ उसी दिन शाम में बीजीबी के 1 नंबर बटालियन, राजशाही के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया। 

उत्तर 24 परगना के बॉर्डर आउट पोस्ट कालूतला क्षेत्र से बांग्लादेशी युवक काबू

इसके अलावा एक अन्य घटना में उत्तर 24 परगना के बॉर्डर आउट पोस्ट कालूतला क्षेत्र से बीएसएफ ने एक बांग्लादेशी युवक को रविवार सुबह पकड़ा, जब वह इछामती नदी के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार कर दाखिल हुआ था। 19 वर्षीय उक्त युवक ने बांग्लादेश के सतखीरा जिले का रहने वाला बताया। 

अपने माता-पिता के साथ नोक- झोंक के बाद घर छोड़ कर भाग गया था युवक

उसने खुलासा किया कि वह अपने माता-पिता के साथ नोक- झोंक के बाद घर छोड़ कर भाग गया था। बीएसएफ के जवानों ने उसकी काउंसलिंग की और उसे अपने माता-पिता के प्रति सम्मान रखने को कहा। बाद में उसे फ्लैग मीटिंग के दौरान 17वीं बटालियन, बीजीबी के बॉर्डर गार्ड पोस्ट देभाटा को सौंप दिया गया। 

दोनों देशों और संबंधित सीमा सुरक्षा बलों के बीच अच्छे रिश्तों के चलते लौटाया

बीएसएफ का कहना है कि दोनों देशों और संबंधित सीमा सुरक्षा बलों (बीएसएफ और बीजीबी) के बीच बहुत ही अच्छे रिश्ते होने के कारण पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों को वापस लौटाने का फैसला लिया गया।

सुरक्षा परिदृश्य और सीमा प्रबंधन में सुधार के लिए हमेशा प्रयासरत है बीएसएफ 

इस तरह के कदम सीमा के पास रहने वाले लोगों में विश्वास भी पैदा करते हैं और सीमा क्षेत्र में समग्र सुरक्षा परिदृश्य में सुधार करते हैं। बीएसएफ हमेशा से सुरक्षा परिदृश्य और सीमा प्रबंधन में सुधार के लिए प्रयास पर बल देता रहा है।

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