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TMC में अंदरूनी बेचैनी... कल्याण बनर्जी पर हमले के बाद ममता ने बुलाई बैठक, 80 में से 20 ही पहुंचे; टली मीटिंग

Published: Sun, 31 May 2026 07:17 PM (IST)

बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के एक माह बाद तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। ममता ...और पढ़ें

ममता की बैठक में नहीं पहुंचे विधायक, 80 में से 60 MLA रहे अनुपस्थित (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

ममता की बैठक में नहीं पहुंचे विधायक, 80 में से 60 MLA रहे अनुपस्थित (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. ममता बनर्जी की बैठक में केवल 20 विधायक उपस्थित हुए।

  2. विधायकों की कम संख्या के कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी।

  3. अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद पार्टी में बेचैनी बढ़ी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के करीब एक माह बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असहज स्थिति खुलकर सामने आ गई है।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए हमले की घटना के एक दिन बाद तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा रविवार शाम में कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर बुलाई गई पार्टी विधायकों की बैठक में 80 में से केवल 20 विधायक ही पहुंचे।

ममता ने बैठक की स्थगित

विधायकों की बेहद कम उपस्थिति के कारण ममता को बैठक स्थगित करनी पड़ी। सूत्रों के अनुसार, अपेक्षा से बहुत कम संख्या में विधायकों के पहुंचने पर ममता बनर्जी स्वयं भी बैठक में शामिल होने नहीं आईं। बाद में विधानसभा में विपक्ष के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय के माध्यम से उपस्थित विधायकों को बैठक स्थगित किए जाने की जानकारी दी गई।

इसके बाद सभी विधायक वापस लौट गए। बाहर निकलने पर पार्टी विधायक और प्रवक्ता कुणाल घोष ने बैठक स्थगित होने के पीछे अलग कारण बताया। उन्होंने कहा कि शनिवार को सोनारपुर में पार्टी महासिचव अभिषेक बनर्जी तथा रविवार को हुगली जिले में वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के बाद विभिन्न क्षेत्रों में तृणमूल नेता व कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

कई स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर थानों में घंटों बैठाए रखा, इसलिए अनेक जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने की आवश्यकता जताई। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण कई विधायकों ने फोन करके पार्टी नेतृत्व से बैठक को कुछ दिन के लिए टालने का अनुरोध किया था।

क्यों लिया गया फैसला?

घोष ने बताया कि कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने बैठक को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह बैठक अब कब होगी यह अभी स्पष्ट नहीं है। घोष ने कहा कि सबसे चर्चा और विधायकों की सुविधा के अनुसार बैठक की नई तारीख तय की जाएगी, जिसकी सूचना सभी को दे दी जाएगी।

गौरतलब है कि विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से जुड़े हस्ताक्षर विवाद और उस मामले में सीआइडी की जांच के तहत कई विधायकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा चुनाव के बाद विभिन्न क्षेत्रों में तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हमलों की घटनाओं को लेकर भी पार्टी नेतृत्व चिंतित है। इन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए रविवार की बैठक बुलाई गई थी।

पिछली बैठक से भी 15 विधायक रहे थे अनुपस्थित

अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी के साथ हुई मारपीट और जनआक्रोश की घटनाओं के बीच ममता की बैठक में महज 19 विधायकों की उपस्थिति ने पार्टी संगठन की मौजूदा स्थिति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले 19 मई को ममता के कालीघाट आवास पर हुई तृणमूल विधायक दल की बैठक से भी 15 विधायक अनुपस्थित रहे थे।

उससे पहले चार मई को चुनाव नतीजे आने के दो दिन बाद हुई बैठक से भी कई विधायक अनुपस्थित रहे थे। बंगाल की सत्ता गंवाने के बाद ममता की बैठकों से विधायकों की लगातार अनुपस्थति पार्टीके शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ पनप रहे गहरे असंतोष को उजागर कर दिया है। इससे पहले हाल में पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता व विधायकों द्वारा राष्ट्रीय महासिचव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा चुके हैं।

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