जागरण संवाददाता, कोलकाता। Cyclone Bulbul. पिछले सप्ताह चक्रवात बुलबुल ने बंगाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई थी। इन क्षेत्रों में जहां बुलबुल से सर्वाधिक नुकसान हुआ है, उन इलाकों के स्कूलों में आयोजित होने वाली समस्त परीक्षाएं बंगाल सरकार ने फिलहाल स्थगित कर दी हैं।

इन क्षेत्रों के स्कूलों में आगामी 26 नवंबर को परीक्षा होनी थी, अब यह परीक्षाएं दो दिसंबर को होंगी। पश्चिम बंगाल बोर्ड की दसवीं की टेस्ट परीक्षा भी अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई हैं।

पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने चक्रवात प्रभावित इलाकों के स्कूलों में आंतरिक परीक्षा स्थगित कर दी हैं। बोर्ड के अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली की आधिकारिक सूचना के मुताबिक, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और पुरबा मेदिनीपुर जिलों में बोर्ड के तहत आने वाले स्कूलों में आंतरिक परीक्षा एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी जाएगी।

चक्रवाती तूफान बुलबुल की चपेट में आने से नौ नवंबर को पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 10 लोगों की मौत हो गई थी और राज्य के विभिन्न हिस्सों में 2.5 लाख से अधिक परिवारों को प्रभावित हुए थे।

कक्षा 10 के छात्रों के लिए, मध्यमा परीक्षा 18 फरवरी से 27 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। शारीरिक शिक्षा और सामाजिक सेवा और कार्य शिक्षा के लिए परीक्षा 28 फरवरी से 13 मार्च तक आयोजित की जाएगी।

चक्रवात बुलबुल से सबसे अधिक उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिले में नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि जो रिपोर्ट आई है, उसमें नौ जिले प्रभावित हैं।

चक्रवाती तूफान की वजह से तीन लाख लोगों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है। हजारों कच्चे मकान धराशाई हो गए हैं। ऐसी स्थिति में इन प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों की परेशानी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। 

'बुलबुल' ने मचाई बंगाल में भारी तबाही, 10 की मौत

चक्रवाती तूफान 'बुलबुल' ने शनिवार रात बंगाल में दस्तक दी और रविवार तड़के तक नौ जिलों में जमकर तांडव मचाया। राज्य के प्रभावित नौ जिलों में 10 लोगों की मौत की सूचना है। हजारों घरों व पेड़ों के ढहने की खबर है।

तेज हवाओं और भारी बारिश से तटीय जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। सबसे ज्यादा प्रभाव बकखाली, फ्रेजरगंज, संदेशखाली, झड़खाली, नंदीग्राम, नयाचर और खेजूरी इलाकों में पड़ा। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद खान ने बताया कि राज्य भर में चक्रवात से कुल 2.73 लाख लोग प्रभावित हैं। इसमें से 1.78 हजार लोगों को राहत शिविर में रखा गया है। चक्रवात से पूरे राज्य में 2473 घर ध्वस्त हो गए हैं। लगभग 26000 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। जावेद खान ने बताया कि प्रभावित लोगों के बीच राज्य सरकार ने 43000 तिरपाल भी वितरित किए हैं।

सबसे ज्यादा, पांच लोगों की मौत उत्तर 24 परगना के बशीरहाट इलाके में हुई हैं। मरने वालों में 7 की पहचान सुचित्रा मंडल (70), रेबा विश्वास (47), मनिरुल गाजी (59), सुदीप भक्त (15), सुजाता दास, संजय दास और समीर मजूमदार के रूप में हुई। एक युवक की मौत शनिवार रात में ही हो गई थी, जिसका नाम मोहम्मद सोहेल। वहीं संदेशखाली और ¨हगलगंज में भी पेड़ गिरने से दब कर दो महिलाओं की मौत हुई है। सुचित्रा बसीरहाट के पूर्व मकाला की रहने वाली थी। वहीं, रेबा गोखना की रहने वाली थी। मनीरूल गाजी पश्चिम मेदिनीपुर का रहने वाला था, जिस पर बिजली का खंभा गिरने से उसकी मौत हुई थी। सुदीप नोदाखाली का रहने वाला था।

सीएम ने रद किया दौरा

चक्रवाती तूफान 'बुलबुल' के कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगले सप्ताह उत्तर बंगाल की अपनी यात्रा रद कर दी। 

केंद्र से मिला मदद का आश्वासन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फोन कर बुलबुल से हुई तबाही की जानकारी ली। केंद्र की ओर से आपात स्थिति में राज्य की हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि चक्रवात की स्थिति और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश के मद्देनजर उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। रविवार को राज्य सरकार ने केंद्र को बताया कि बुलबुल चक्रवात के चलते बंगाल के नौ जिलों में कुल तीन लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इधर, मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने नौ जिलों के जिलाधिकारियों को तबाही की पूरी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए पीएमओ से बात की और हालात की जानकारी दी। इसमें कई अधिकारी मौजूद थे।

135 किमी की रफ्तार से चलीं हवाएं

मौसम विभाग की ओर से रविवार को एक बुलेटिन जारी कर चक्रवात बुलबुल पर पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चक्रवात शनिवार रात सुदरवन के धानाची इलाके से रात 8.30 से 11.30 के बीच गुजरा। इस दौरान भारी बारिश के बीच 110 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं लगातार चलीं जो एक समय 135 किमी तक भी पहुंच गई थीं। मौसम विभाग के अनुसार जमीन पर आने के बाद चक्रवात धीरे-धीरे कमजोर हो कर निम्न दबाव में परिवर्तित हो जाएगा। चक्रवात बंगाल से बांग्लादेश के उत्तरपूर्वी तटवर्ती इलाकों की ओर बढ़ गया है।

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Posted By: Sachin Mishra

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