राज्य ब्यूरो, कोलकाता । राजधानी कोलकाता से सटे उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जिसमें एक अस्पताल ने गर्भवती महिला को भर्ती लेने से कथित तौर पर इन्कार कर दिया। अंत में करीब एक घंटे तक दर्द से कराहती उस गर्भवती महिला ने अस्पताल के गेट पर गाड़ी में ही नवजात शिशु को जन्म दे दिया। इसके बाद इस घटना से हड़कंप मच गया।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना बशीरहाट के हाड़ोआ ग्रामीण अस्पताल की है। गर्भवती महिला (22) का नाम खुशबू देवी है जो बकजुंडी ग्राम पंचायत के खारूबाला गांव की रहने वाली है। वह गांव में ईंट बनाने का काम करती थी। बताया जा रहा है कि ईंट भे में मजदूरी करने के कारण वह गर्भधारण से संबंधित किसी तरह की कोई जांच नहीं करा सकी थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार प्रसव पीड़ा शुरू होने पर काम कर रहे लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। आरोप है कि वहां अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे भर्ती लेने से इन्कार कर दिया, क्योंकि उनके पास कोई दस्तावेज या शारीरिक जांच की कोई रिपोर्ट नहीं थी। अस्पताल के अधिकारियों का दावा है कि चूंकि उनके (महिला के) पास रक्त परीक्षण, अल्ट्रासोनोग्राफी, कोरोना टीकाकरण जैसे कोई दस्तावेज नहीं थे, इसलिए अस्पताल में भर्ती लेना संभव नहीं था। इस बीच गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा से कराहती देख उसे कार में ही लेटा दिया गया तथा करीब एक घंटे तक दर्द से कराहने के बाद महिला ने अस्पताल के गेट के पास कार में ही नवजात शिशु को जन्म दे दिया। इस घटना से अस्पताल परिसर में तनाव पैदा हो गया।

स्थानीय लोगों ने इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन भी किया और डाक्टरों से बहस हुई। वहीं, शिशु को जन्म देने के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया और प्राथमिक जांच से पता चला कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। 

Edited By: Priti Jha