कोलकाता में जुटेंगे दुनिया भर के 75 हजार ऊर्जा दिग्गज, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और CM शुभेंदु ने की 'इंडिया एनर्जी वीक' की घोषणा
कोलकाता में 28-31 जनवरी 2027 तक 'इंडिया एनर्जी वीक' का 5वां संस्करण आयोजित होगा, जिसमें 75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवर जुटेंगे।

कोलकाता में पहली बार होगा इंडिया एनर्जी वीक 2027 का आयोजन (फोटो-PIB)
HighLights
इंडिया एनर्जी वीक 2027 कोलकाता में 28-31 जनवरी तक।
75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवर और 700 प्रदर्शक होंगे शामिल।
बंगाल में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज अगले साल जनवरी में कोलकाता में जुटेंगे। देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन का मंच ‘इंडिया एनर्जी वीक’ के 5वें संस्करण की मेजबानी पहली बार बंगाल को मिली है।
28 से 31 जनवरी 2027 तक पहली बार कोलकाता में न्यूटाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में होने वाले इस चार दिवसीय आयोजन में 75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवर और 700 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कोलकाता में आयोजित इसके पूर्वावलोकन (कर्टेन रेजर) कार्यक्रम में कहा कि इंडिया एनर्जी वीक- 2027 पिछले संस्करणों से और बड़े स्वरूप में होगा। उन्होंने दावा किया कि आयोजन से करीब पांच महीने पहले ही लगभग 17 हजार वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र की बुकिंग हो चुकी है।
केंद्रीय मंत्री पुरी और बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने संयुक्त रूप से कोलकाता को इंडिया एनर्जी वीक 2027 का मेजबान शहर घोषित किया। इस बार का विषय ‘अनलाकिंग इनोवेशन, सिक्योरिंग एनर्जी, शेपिंग टुमारो’ यानी नवाचार को बढ़ावा, ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य का निर्माण रखा गया है।
नई प्रौद्योगिकियों पर होगा मंथन
पेट्रोलियम मंत्रालय के संरक्षण में होने वाला यह आयोजन वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा तथा नई प्रौद्योगिकियों पर मंथन का बड़ा मंच बनेगा। पुरी ने कहा कि 2023 में बेंगलुरु से शुरू हुए इंडिया एनर्जी वीक का आकार तेजी से बढ़ा है। पहले संस्करण में 35 हजार से अधिक प्रतिभागी, 326 प्रदर्शक और 60 सत्र थे। वहीं, 2026 में गोवा में आयोजित चौथे संस्करण में 75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवर, 700 से ज्यादा कंपनियां, 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 6,500 से ज्यादा सम्मेलन प्रतिनिधि शामिल हुए।
पिछले संस्करण में संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, नीदरलैंड, ओमान सहित विभिन्न देशों के 17 मंत्री और उपमंत्री भी शामिल हुए थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2027 में पहली बार इसे पूर्वी भारत में आयोजित करने से इस क्षेत्र के उद्योगों, संस्थानों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को वैश्विक कंपनियों तथा निवेशकों के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
सम्मेलन में तेल एवं गैस, एलएनजी, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल, हाइड्रोजन, जैव ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित ऊर्जा क्षेत्र की उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष जोर रहेगा।
बंगाल में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
केंद्रीय मंत्री पुरी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता को आयोजन के लिए चुनने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक का सफल आयोजन बंगाल में नए निवेश को आकर्षित करने, मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद करेगा। शुभेंदु ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में बंगाल को भी बुनियादी ढांचे, निवेश और रोजगार के वे अवसर मिलने चाहिए, जो दूसरे राज्यों को मिल रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों और निवेशकों के कोलकाता आने से राज्य में नए निवेश का रास्ता खुलेगा।
आइओसीएल ने मांगी 175 एकड़ जमीन
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए इंडियन आयल कारपोरेशन (आइओसीएल) ने 175 एकड़ जमीन मांगी है। हल्दिया विकास प्राधिकरण के पास 85 एकड़ जमीन उपलब्ध है और शेष जमीन की व्यवस्था के लिए बंदरगाह प्राधिकरण के साथ बातचीत की जा रही है।
उन्होंने आइओसीएल से बंगाल में एक और पेट्रोकेमिकल संयंत्र लगाने का आग्रह किया और कहा कि इसके लिए राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराने को तैयार है। शुभेंदु ने उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर में ओएनजीसी की तेल परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार ने इस परियोजना के लिए पेट्रोलियम खनन पट्टा नहीं दिया था। जिसके कारण यहां से तेल उत्पादन शुरू होने में देरी हुई।
शुभेंदु ने दावा किया कि मई में राज्य में हुए सत्ता परिवर्तन व भाजपा की सरकार बनने के बाद अशोकनगर में तेल उत्पादन परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। पिछले महीने वहां तेल का उत्पादन भी शुरू हो चुका है। वहीं, हल्दिया में इंडियन आयल की रिफाइनरी के विस्तार और नई इकाइयों की स्थापना की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में और परियोजनाएं लाने तथा उनके लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।
उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर राजनीतिक कारणों से कई औद्योगिक परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ने देने का आरोप लगाया।
इसके साथ ही उन्होंने पिछली सरकार पर उज्ज्वला 3 योजना के 15 लाख लाभार्थियों को लाभ से वंचित रखने का आरोप भी लगाया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं को गति देकर निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना चाहती है।
सुंदरवन में मैंग्रोव लगाने की पहल
मुख्यमंत्री ने सुंदरबन में बड़े पैमाने पर मैंग्रोव पौधे लगाने की इंडियन आयल की पहल का भी उल्लेख किया। बंगाल के सुंदरबन में देश का सबसे बड़ा मैंग्रोव क्षेत्र है और केंद्र सरकार लंबे समय से मैंग्रोव पौधारोपण एवं संरक्षण को तटीय पारिस्थितिकी के लिए महत्वपूर्ण मानती रही है।
केंद्रीय मंत्री ने शुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा की
इस मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने भी राज्य में ऊर्जा क्षेत्र के विकास और निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब ध्यान बंगाल में उद्योग और निवेश को आगे बढ़ाने पर होना चाहिए।कार्यक्रम में बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता, उद्योग मंत्री तापस राय सहित पेट्रोलियम क्षेत्र की देश की सभी प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे।
भारत का महत्व लगातार बढ़ रहा है
पुरी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था में भारत का महत्व लगातार बढ़ रहा है और देश ऊर्जा सुरक्षा तथा किफायती ऊर्जा सुनिश्चित करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है। इंडिया एनर्जी वीक 2027 वैश्विक साझेदारी, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। कार्यक्रम में इंडिया एनर्जी वीक 2027 का लोगो भी जारी किया गया। इसका आयोजन फेडरेशन आफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (एफआइपीआइ) कर रहा है।
इस वैश्विक मंच पर सरकारों, ऊर्जा कंपनियों, निवेशकों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और स्वच्छ ऊर्जा बदलाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है। 2023 में बेंगलुरु से शुरू हुआ इंडिया एनर्जी वीक अब वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के संवाद के प्रमुख मंचों में शामिल है। इंडिया एनर्जी वीक 2024 में गोवा, 2025 में नई दिल्ली और 2026 में फिर गोवा में आयोजित हुआ था। अब इसका 5वां संस्करण जनवरी 2027 में पहली बार कोलकाता में आयोजित होने जा रहा है।
