IMA की चुनावी बैठक में कोलकाता शाखा को नहीं मिली एंट्री, दरवाजे पर लेटकर डॉक्टर ने किया विरोध
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के चुनाव को लेकर कोलकाता शाखा को बैठक में प्रवेश न दिए जाने पर विवाद खड़ा ...और पढ़ें

IMA की चुनावी बैठक में कोलकाता शाखा को नहीं मिली एंट्री (यह तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।)
HighLights
IMA चुनाव बैठक में कोलकाता शाखा को प्रवेश से रोका गया।
चिकित्सक प्रदीप निमानी ने दरवाजे पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव पदों के लिए कई नामांकन हुए दाखिल।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता । इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के चुनाव को लेकर रविवार को पार्क सर्कस स्थित कोलकाता शाखा के कार्यालय में विवाद खड़ा हो गया। चुनावी बैठक में कोलकाता शाखा के सदस्यों को प्रवेश नहीं दिए जाने के विरोध में संगठन के सदस्य सुदीप्त राय के करीबी चिकित्सक प्रदीप निमानी कार्यालय के दरवाजे के सामने लेट गए।
कोलकाता शाखा के सचिव असीम सरकार ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने से रोका जा रहा है।
कोलकाता शाखा फिलहाल सुदीप्त राय गुट के नियंत्रण में है। शाखा के सचिव असीम सरकार का आरोप है कि आइएमए के राज्य सचिव शांतनु सेन के गुट ने उन्हें बैठक में शामिल होने से रोक दिया। उनका दावा है कि चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष प्रसेनजीत गंगोपाध्याय से उन्हें लिखित अनुमति मिली थी।
वहीं शांतनु सेन ने कहा कि मार्च में हुए कोलकाता शाखा के चुनाव की वैधता पर सवाल उठे थे। राज्य शाखा की ओर से संविधान के अनुसार स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद गठित ट्रिब्यूनल ने चुनाव को अवैध घोषित कर दिया। इसी वजह से कोलकाता शाखा को रविवार की चुनावी बैठक से बाहर रखा गया।
कई पदों पर नामांकन
आइएमए के चुनाव में रविवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए गए। सचिव पद के लिए भी नाम सामने आए। इनमें सिंगुर के विधायक अरूप दास का नाम भी शामिल है। सिंगुर शाखा ने उनका नाम प्रस्तावित किया है और सिलीगुड़ी शाखा ने समर्थन किया है। हालांकि अरूप दास ने कहा कि पार्टी से नामांकन मिलने पर ही वह चुनाव लड़ेंगे।
सिउड़ी आइएमए शाखा के सचिव देवाशीष देबांशी और शांतनु सेन के करीबी माने जाने वाले अशोक नंदी ने भी राज्य सचिव पद के लिए नामांकन किया है। शांतनु सेन इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मधुच्छंदा कर ने संयुक्त सचिव पद के लिए नामांकन किया है। आइएमए की चुनावी प्रक्रिया को लेकर इससे पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
