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‘अल्लाह से दुआ है कि...’, हुमायूं कबीर ने सीएम शुभेंदु पर दिया विवादित बयान; बाद में पलटे

Published: Sun, 27 Sep 2026 05:37 PM (IST)

आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मृत्यु की कामना कर राजनीतिक विवाद खड़ा किया, जिसके बाद उन्होंने अपने बयान से यू-टर्न ले लिया।

हुमायूं कबीर ने सीएम शुभेंदु पर दिया विवादित बयान। (फाइल)

हुमायूं कबीर ने सीएम शुभेंदु पर दिया विवादित बयान। (फाइल)

HighLights

  1. हुमायूं कबीर ने सीएम शुभेंदु अधिकारी की मृत्यु की कामना की।

  2. विवाद बढ़ने पर हुमायूं कबीर ने बयान से यू-टर्न लिया।

  3. रेजीनगर उपचुनाव से पहले राजनीतिक विवाद और गहराया।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। अपनी विवादित टिप्पणियों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख एवं विधायक हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मृत्यु की कामना कर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

हुमायूं ने कहा कि वह प्रत्येक शुक्रवार की नमाज में अल्लाह से शुभेंदु को जल्द दुनिया से उठा लेने की दुआ करेंगे। अपनी बात रखते हुए उन्होंने देश के कुछ दिवंगत राजनीतिक नेताओं का भी उल्लेख किया और शुभेंदु की कथित तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे हश्र की उम्मीद जताई।

हालांकि विवाद बढ़ने के बाद हुमायूं अपने बयान से पलट गए और कहा कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु की लंबी उम्र की दुआ करेंगे तथा उन्हें भविष्य में प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं।

हुमायूं का यह बयान ऐसे समय आया है, जब छह अक्टूबर को होने वाले मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के छोड़ने के कारण ही खाली हुई है।

पुलिस पर लगाया परेशान करने का आरोप

मीडिया में सामने आए बयानों के अनुसार, हुमायूं ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि शुभेंदु की पुलिस उन्हें परेशान कर रही है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि वह प्रत्येक शुक्रवार को नमाज के दौरान शुभेंदु की मृत्यु के लिए दुआ करेंगे। बाद में हुमायूं अपने बयान से पलट गए।

हुमायूं ने अपने पहले बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी नाराजगी मुख्य रूप से पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर है। उनका आरोप है कि पुलिस निरंकुश तरीके से काम कर रही है और उन्हें तथा उनके समर्थकों को लगातार परेशान किया जा रहा है।

इससे पहले भी हुमायूं ने रेजीनगर उपचुनाव से पहले प्रशासन और पुलिस पर अपने कार्यकर्ताओं को परेशान करने और गिरफ्तार करने का आरोप लगाया था। इन्हीं आरोपों के बीच उन्होंने जमीनी स्तर पर चुनाव प्रचार से दूर रहने की घोषणा भी की थी।

रेजीनगर उपचुनाव से पहले बढ़ी सियासी तल्खी

बताते चलें कि हुमायूं और शुभेंदु के बीच इससे पहले भी तीखी बयानबाजी होती रही है। मुख्यमंत्री ने जून में हुमायूं के सार्वजनिक बयानों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें विवादित बयान देने से बचने की चेतावनी दी थी।

रेजीनगर में छह अक्टूबर को मतदान और नौ अक्टूबर को मतगणना होनी है। ऐसे में मतदान से ठीक पहले हुमायूं के ताजा बयान ने दोनों पक्षों के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।