राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के हावड़ा और हुगली जिले में प्रायः आने वाले बाढ़ के लिए सोमवार को झारखंड को जिम्मेदार ठहराया। राज्य सचिवालय नबान्न में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कई जिलों के अधिकारियों के साथ आयोजित प्रशासनिक बैठक में उन्होंने कहा कि झारखंड की नदियों में बाढ़ आती है, तो हुगली और हावड़ा में भी पानी भर आता है। उन्होंने कहा कि अगर झारखंड ने अपने नदियों की ड्रेजिंग की होती, तो उनके पास 2 लाख क्यूसेक पानी की अतिरिक्त धारण क्षमता होती। लेकिन वह ऐसा नहीं करते हैं। ऐसा पहले भी होता रहा है। अब इस पर बंगाल सरकार नजर रख रही है।

बाढ़ के हालात से निपटने को जिम्मेदार, डीवीसी पानी छोड़ने से पहले सरकार को सूचित करे : मुख्‍यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के हालात से निपटने के लिए कोविड प्रबंधन की तर्ज पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को इलाकों के आधार पर जिम्मेदारी दी जायेगी। बाढ़ आने से पहले तैयारी जरूरी है। वह देख रही हैं कि कुछ नदियों का पानी रास्ते एवं अस्पतालों तक पहुंच जा रहा है। इस पर नजर रखने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डीवीसी को पानी छोड़ने के लिए पहले राज्य सरकार को सूचित करना होगा। 

सड़कों की खराब हालत पर ममता का निशाना, कहा- केंद्र सिर्फ टोल टैक्स वसूलता है, मरम्मत नहीं कराता

हावड़ा, हुगली, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़कों की खराब हालत पर चिंता जताई। उन्होंने इसके लिए केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि एचआरबीसी की ओर से सड़कों के इस्तेमाल के लिए टोल टैक्स लिया जाता है, लेकिन सड़कों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। राज्य सरकार से पैसों की मांग की जा रही है। यह गलत है। 

राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने कहा कि अगले वर्ष जनवरी तक थोड़ी मरम्मत से दुरुस्त होंगी सड़कें

राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने कहा कि कई ऐसी सड़कें हैं, जो छोटी हैं और थोड़ी- बहुत मरम्मत से वह दुरुस्त हो जायेंगी। अगले वर्ष जनवरी तक इन्हें ठीक कर लिया जायेगा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के पहले इन सड़कों को ठीक करना होगा। मुख्यमंत्री ने कमजोर ब्रिजों पर भारी वाहनों के यातायात पर पाबंदी लगाने के लिए भी कहा है। भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशने के लिए कहा गया है।

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