कोलकाता, जागरण संवाददाता। इस साल पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महाअष्टमी के मौके पर कुमारी पूजन के दौरान एक हिंदू परिवार ने चार साल की मुस्लिम बच्ची की पूजा कर साम्प्रदायिक सौहार्द एक अद्भुत मिसाल कायम की है। यह पुनीत कार्य कोलकाता से सटे उत्तर 24 परगना जिले में अर्जुनपुर का रहने वाला दत्त परिवार ने किया है।

गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद ने 121 साल पहले कश्मीर में एक मुस्लिम की बेटी की मां दुर्गा के रूप में पूजा की थी। चार साल की फातिमा के पिता मोहम्मद ताहिर आगरा के रहनेवाले हैं। वह तमल दत्त के बुलावे पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गापूजा घूमने आये हैं। महाअष्टमी के दिन कुमारी कन्याओं को देवी दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है।

स्थानीय निकाय में इंजीनियर तमल दत्त ने बताया कि जातिगत और धार्मिक बाध्यताओं के कारण पहले हम सिर्फ ब्राह्मण कन्याओं के साथ कुमारी पूजन करते थे। वह कमरहाटी नगरपालिका में इंजीनियर हैं. वह 2013 से ही अपने घर में माता की पूजा करते हैं। इस साल उन्होंने पुरानी परंपराओं से हटकर साम्प्रदायकि सौहार्द के लिए कुछ करने का विचार किया।

उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि मां दुर्गा इस धरती पर सभी की मां हैं, उनका कोई धर्म, जाति या रंग नहीं है। इसलिए हमने परंपरा तोड़ी। उन्होंने कहा कि इससे पहले हमने गैर-ब्राह्मणों की पूजा की थी, इस बार मुसलमान लड़की की पूजा की है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के ही बशीरहाट में दो साल पहले हुई हिंसक घटनाओं के बीच हिंदू युवकों ने रतजगा कर मस्जिद की रक्षा की थी।जुलाई 2017 में भड़के सांप्रदायिक तनाव के बाद जब बशीरहाट के खानपाड़ा इलाके की मस्जिद को खतरा उत्पन्न हो गया था तो दो हिंदू युवकों ने रात-रात भर जागकर मस्जिद की रक्षा की थी। 

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