राज्य ब्यूरो, कोलकाता : पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (डब्ल्यूबीसीएचएसई) ने 12वीं की परीक्षा में फेल हुए सभी विद्यार्थियों को पास घोषित कर दिया है। फेल विद्यार्थियों की संख्या लगभग 18,000 होने का अनुमान है। फेल घोषित किए गए विद्यार्थी इसे लेकर पिछले कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। डब्ल्यूबीसीएचएसई की अध्यक्ष महुआ दास ने कहा कि शिक्षा परिषद ने कोरोना के दौर में विद्यार्थियों के सामने आईं कठिनाइयों को देखते हुए मूल्यांकन में सहानुभूतिपूर्वक संशोधन किया और फेल हुए सभी को पास घोषित कर दिया।

गौरतलब है कि फेल हुए विद्यार्थी मांग कर रहे थे कि उन्हें पास घोषित किया जाए क्योंकि इस साल महामारी के कारण कोई परीक्षा नहीं हुई थी। 8,19, 202 विद्यार्थियों में से 97,69 प्रतिशत को पास घोषित किया गया था। परिणाम गत 22 जुलाई को घोषित किए गए थे।

माध्यमिक (10वीं की परीक्षा) में विद्यार्थी द्वारा प्राप्त अंकों और कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा में चार विषयों के सर्वश्रेष्ठ अंकों के आधार पर मूल्यांकन पद्धति तैयार की गई थी। परीक्षाफल घोषित होने के बाद से फेल विद्यार्थियों ने राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने शिक्षा परिषद से परिणामों की समीक्षा करने को कहा था।

महुआ दास ने कहा-' सरकार के साथ बातचीत के बाद हमने सहानुभूतिपूर्वक विचार किया है। जो उन्हें दिए गए खराब ग्रेड से असंतुष्ट हैं, वे कोरोना की स्थिति में सुधार होने पर परीक्षा में बैठ सकेंगे, बशर्ते वे इसके लिए औपचारिक रूप से आवेदन करें।

Edited By: Vijay Kumar