राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भाजपा नेता मुकुल रॉय के खिलाफ मामले में जब तक अदालत अपना फैसला नहीं सुना देता तब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकती। यह बात बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने कही है। मुकुल रॉय के खिलाफ धोखाधड़ी के एक मामले पर सुनवाई पूरी करने के बाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश शिवकांत प्रसाद ने यह निर्देश सुनाया।

रेलवे में नौकरी देने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में मुकुल रॉय के खिलाफ 12 एफआइआर दर्ज कराए गए थे। बीजपुर थाने में 9 शिकायतें दर्ज है। दो नैहाटी और एक नोआपाड़ा थाना में है। एफआइआर से अपना नाम हटाने की अर्जी को लेकर मुकुल की ओर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था।

न्यायाधीश शिवकांत प्रसाद ने 11 जून को 9 मामले पर सुनवाई के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया था। साथ ही कहा था कि कोर्ट में जब तक मामले का निपटा नहीं हो जाता तब तक पुलिस मुकुल के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं करे।

आज एक और मामले की सुनवाई समाप्त हो गई। सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने नैहाटी व नोआपाड़ा थाने में दर्ज मामले से संबंधित हलफनामा समेत केस डायरी व श्रृजन रॉय के घर तलाशी में मिले दस्तावेज की सूची कोर्ट में पेश किया। 

Posted By: Preeti jha