कोलकाता, जागरण संवाददाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने नारद स्टिंग मामले से संबंधित टेप की फारेंसिक रिपोर्ट नहीं मिलने पर हैरानी जताई है। गुरुवार को राज्य के परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश जयमाल्य बागची ने कहा कि यह काफी हैरान करने वाली बात है कि नारद स्टिंग मामले में सबूत के तौर पर जुटाए गए टेप की जांच रिपोर्ट अब तक सीबीआइ को नहीं मिली है।

उन्होंने सीबीआइ से पूछा कि इस टेप की जांच के लिए एक वर्ष पहले ही अमेरिका भेजा गया था लेकिन जांच के लिए पर्याप्त समय पूरा होने के बाद भी रिपोर्ट क्यों नहीं मिली। इस पर सीबीआइ के अधिवक्ता अमजीत दे ने अदालत को बताया कि केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा वीडियो टेप में आवाज के नमूने की जांच रिपोर्ट निर्माता कंपनी को जांच के लिए भेजी गई है लेकिन वहां से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

इसके बाद न्यायाधीश बागची ने उक्त याचिका को नारद स्टिंग मामले के साथ टैग करने का निर्देश देते हुए कहा कि क्रिसमस की छुट्टी के बाद इस मामले पर सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि नारद न्यूज के सैमुअल मैथ्यू ने 2014 में एक स्टिंग ऑपरेशन किया था। स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलते-जुलते कुछ लोग और आइपीएस अधिकारी कुछ लाभ के बदले में एक काल्पनिक कंपनी के प्रतिनिधियों से पैसा लेते नजर आए थे। यह वीडियो 2016 में बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सामने आया था। सीबीआइ ने गत 31 अगस्त को इस घोटाले के संबंध में तृणमूल सांसद प्रसून बनर्जी की आवाज के नमूनों की जांच की थी। 

Posted By: Preeti jha

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