कोलकाता, जागरण संवाददाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को हलफनामा जारी कर इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ प्लानिंग एंड मैनेजमेंट (आइआइपीएम) के साथ उनके संबंध को स्पष्ट करने को कहा है। गौरतलब है कि कुछ छात्रों ने आइआइपीएम पर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पिछले साल हाईकोर्ट में मुकदमा किया था। उन्होंने मामले की सीबीआइ जांच की भी मांग की है।

न्यायाधीश देबांग्शु बसाक की पीठ ने इस दिन मामले पर सुनवाई करते हुए अभिनेता शाहरुख खान, उनकी कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और आईआईएम के प्रमोटर अरिंदम चौधरी को दुर्गापूजा की छुट्टियों के पश्चात दो सप्ताह के अंदर व्यक्तिगत तौर पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। छात्रों के अधिवक्ता दीपांजन दत्ता ने अदालत में दावा किया कि शाहरुख खान आइआइपीएम के ब्रांड एम्बेस्डर थे और उन्हीं के विज्ञापनों से प्रभावित होकर छात्र यहां दाखिला कराने को उत्साहित हुए थे।

इस पर शाहरुख के अधिवक्ता ने कहा कि अभिनेता ने आइआइपीएम के कुछ विज्ञापनों में ही काम किया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने यह निर्देश दिया। इसके साथ ही राज्य सरकार को भी हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा गया है कि इस मामले की जांच का जिम्मा बंगाल पुलिस से लेकर सीबीआइ को क्यों नहीं सौंपा जाए।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक 2017 में दिल्ली हाईकोर्ट में भी आइआइपीएम के खिलाफ मुकदमा हुआ था। यूनीवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूसीजी) का अनुमोदन नहीं होने के कारण अदालत ने उसी साल आइआइपीएम की सभी शाखाओं को बंद करने का निर्देश दिया था। 

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Posted By: Preeti jha

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