कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही हिंसा का दौर जारी है। अलग-अलग इलाकों में कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों व पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी हो रही है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से फोन पर बात की है और राज्य के हालात पर चिंता व्यक्त की है।  राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार दोपहर को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फोन पर बात कर बंगाल में जारी हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त की है।

इधर, राज्यपाल ने एक बार फिर पुलिस व प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से हालात पर काबू पाने व स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य बनाने को कहा है।आपको बता दें कि बंगाल में दो मई यानी रविवार को चुनाव के नतीजे घोषित किए गए हैं, जिसके बाद से ही राज्य में हिंसा का दौर जारी है। बंगाल के कई जिलों में तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट, दुष्कर्म और हत्या होने की शिकायत सामने आई है। भाजपा का दावा है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं के हमले में अब तक कम से कम उसके नौ कार्यकर्ताओं की मौत हो चुकी है।

 राज्यपाल धनखड़ का सवाल, सिर्फ बंगाल में ही चुनाव के बाद हिंसा क्यों?

बंगाल में दो मई, रविवार को हुई मतगणना के बाद से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा, आगजनी और उपद्रव की घटनाएं लगातार सामने आ रही है। राज्य में कई जगहों पर झड़पें और दुकानों में लूटपाट के साथ भाजपा कार्यकर्ता की कथित हत्या पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को एक बार फिर गहरी चिंता जताते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पी नीरजनयन और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर (सीपी) सोमेन मित्रा से तत्काल रिपोर्ट तलब किया है।

गौरतलब है कि राज्यपाल ने एक दिन पहले भी डीजीपी को समन भेजा था। इसके साथ ही राज्यपाल ने हिंसा की घटना पर ट्वीट करते हुए पूछा कि केवल बंगाल में ही चुनाव के बाद हिंसा क्यों होती है? लोकतंत्र पर यह हमला क्यों? राज्यपाल ने कहा कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट में लिखा, बंगाल पुलिस और कोलकाता सीपी को संवेदनहीन राजनीतिक हिंसा, बर्बरता, आगजनी, हत्याओं और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली धमकी को समाप्त करना चाहिए। पूरे विश्व में स्थित बंगालियों ने अराजकता पर चिंता व्यक्त की है।

राज्यपाल ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “रिपोर्टें भयावह स्थिति को दर्शाती हैं। भयभीत लोग खुद को बचाने के लिए भाग रहे हैं। अपील की बाढ़ आ गई है। हर्मद, हत्या और विनाश का तांडव मचा रहे हैं। संवैधानिक मूल्यों के प्रति इस तरह के संबंध को नहीं माना जा सकता।

गौरतलब है कि रविवार को भाजपा ने एक पार्टी कार्यालय में आगजनी का वीडियो साझा किया है जिसमें बांस की बल्लियां और छत जलती हुई नजर आ रही हैं और परेशान लोगों को चिल्लाते हुए भागते देखा जा रहा है। इंटरनेट मीडिया पर मृत व्यक्तियों की तस्वीरें और एक दुकान से कपड़े लूट कर भागते लोगों की फुटेज वायरल हो रही है। भाजपा का दावा है कि उसके कम से कम नौ कार्यकर्ता और समर्थक अबतक हमलों में मारे गए हैं, जिनमें एक महिला भी शामिल है। 

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