राज्य ब्यूरो, कोलकाता : दक्षिण बंगाल फ्रंटियर, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 153वीं बटालियन के सतर्क जवानों ने मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले के घोजाडांगा सीमा चौकी इलाके में भारत- बांग्लादेश सीमा के पास बड़ी सफलता हासिल करते हुए तस्करी को नाकाम कर 11 सोने के बिस्कुटों के साथ एक तस्करों को गिरफ्तार किया। बीएसएफ की ओर से एक बयान में बताया गया कि जब्त सोने का कुल वजन 1753.37 ग्राम है, जिसका भारतीय बाजार में अनुमानित कीमत 88,61,647 रुपये हैं। सोने के बिस्कुटों की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आइसीपी) घोजाडांगा के क्षेत्र से बांग्लादेश से भारत में तस्करी की कोशिश की जा रही थी।153वीं बटालियन के कमांडेंट जवाहर सिंह नेगी ने बताया कि एक खुफिया सूचना पर योजनाबद्ध तरीके से खास ऑपरेशन के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

सिविल ड्रेस में टीम भेजकर बिछाया जाल

बयान के मुताबिक, सुबह करीब सात बजे सीमा चौकी घोजाडांगा के कंपनी कमांडर मोहम्मद साहिद को सोने के साथ एक व्यक्ति के आने की खबर मिली। उसी समय जवानों को चौकन्ना कर दिया गया। साथ ही बटालियन कमांडेंट को इस बारे में अवगत कराकर उनके निर्देश पर एक योजना बनाई, जिसमे एक पार्टी को सिविल ड्रेस पहनाकर उत्तरपाड़ा रोड के ऊपर तैनात कर दिया। संदिग्ध व्यक्ति जब तस्करी के इरादे से अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर आ रहा था तो वह बीएसएफ के जवानों को पहचान नहीं सका। जिससे सतर्क जवानों ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से 11 सोने के बिस्कुट मिले।पकड़े गए तस्कर का नाम गोपाल सरकार (46) है। वह गांव उत्तरपाड़ा, थाना–बसीरहाट, जिला- उत्तर 24 परगना का ही रहने वाला है।

बांग्लादेशी तस्कर से रात के समय लिया था सोना

पूछताछ में उसने बताया कि वह भारतीय नागरिक है और उसने ये सोने के बिस्कुट फिरोज गाजी, गांव–भोमरा, जिला–सतखीरा, बांग्लादेश से सीमा पर रात के समय में लिया था। उसने आगे बताया कि यह सोना भारतीय तस्कर विश्वनाथ दास, गांव–पानीतार, उत्तर 24 परगना को देना था। उसने यह भी खुलासा किया कि यह सोना कोलकाता ले जाया जाता।गिरफ्तार तस्कर को सोने के बिस्कुटों के साथ अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु कस्टम कार्यालय घोजाडांगा को सौंप दिया गया है।

बीएसएफ कमांडेंट ने जवानों की थपथपाई पीठ

इधर, इस सफलता पर कमांडेंट नेगी ने खुशी व्यक्त करते हुए अपने जवानों की पीठ थपथपाई।

उन्होंने बताया कि हमारे सामने बड़ी चुनौतियां और बिल्कुल विपरीत परिस्थितियों के बावजूद 153वीं बटालियन के हर जवान का मोटिवेशन लेवल बहुत ऊंचा है, यही वजह है कि हमें लगातार कामयाबी मिल रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 153वीं बटालियन अपनी जिम्मेदारी के इलाके में किसी भी प्रकार की तस्करी व सीमा अपराधों को रोकने के लिए दृढ़ संकल्पित है और संकल्प जताया कि वे अपने इलाके से आगे भी किसी प्रकार की तस्करी नहीं होने देंगे।

Edited By: Vijay Kumar