राज्य ब्यूरो, कोलकाता। दक्षिण पूर्व रेलवे (दपूरे) की नई महाप्रबंधक बनीं अर्चना जोशी ने कोलकाता के गार्डनरीच स्थित मुख्यालय में दपूरे के सभी विभागों के प्रधान अधिकारियों के साथ सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की। दपूरे के चारों मंडलों आद्रा, चक्रधरपुर, खड़गपुर और रांची के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) भी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए इस बैठक में शामिल हुए।

इस परिचयात्मक बैठक के दौरान महाप्रबंधक ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तथा रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित माल लदान का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी तरह के कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल तथा नई लाइन, दोहरी लाइन, विद्युतीकरण इत्यादि जैैसी जटिल बुनियादी परियोजनाओं पर करीबी से नजर रखने पर बल दिया।

महाप्रबंधक ने सवारी गाड़ियों के अधिकतम अनुमत गति पर चलाने पर भी बल दिया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को राजस्व में बढ़ोतरी के लिए सर्वांगीण प्रयास करने का निर्देश दिया। इस संबंध में, महाप्रबंधक ने गैर किराया राजस्व स्त्रोतों के सृजन पर भी जोर दिया। महाप्रबंधक ने सामूहिक रूप से कार्य करने पर विशेष जोर दिया। सभी वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों को एक दूसरे के प्रति पारस्परिक सम्मान के साथ सामूहिक रूप से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि, यात्री तथा कर्मचारी की शिकायतों पर वरीयता के आधार पर ध्यान देना चाहिए तथा निर्धारित समय-सीमा के अंदर उसका हल निकाला जाना चाहिए।

उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष रूप से सुरक्षा के मद्देनजर नियमित जांच अभियान चलाने को कहा।बैठक के दौरान महाप्रबंधक ने दैनिक आधार पर स्टेशन परिसरों, कार्यालयों, रेलवे प्रतिष्ठानों इत्यादि की स्वच्छता की निगरानी रखने की भी सलाह दी। कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए उन्होंने रेल कर्मियों के टीकाकरण, ट्रेनों के सैनिटाइजेशन, स्टेशन परिसरों इत्यादि में शारीरिक दूरी बरकरार रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उल्लेखनीय है कि हाल में दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण करने के बाद सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी यह पहली बैठक थी। बता दें कि जोशी पहली महिला अधिकारी हैं जिन्हें दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई हैं। 

Edited By: Priti Jha