भारत की अगली 1 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था के लिए पूर्वी भारत का उभरना जरूरी, कोलकाता में बोले गौतम अदाणी
गौतम अदाणी ने कहा कि भारत की अगली एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए पूर्वी भारत का उदय आवश्यक है, जिसमें बंगाल की भूमिका महत्वपूर्ण है।

पूर्वी भारत के उदय से ही बनेगी एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (फोटो- ANI)
HighLights
पूर्वी भारत भारत की अगली ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण।
अदाणी समूह बंगाल में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश करेगा।
कोलकाता में 2000 बिस्तरों वाला अदाणी आरोग्य मंदिर बनेगा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता । अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार को कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति में पिछले कई दशकों से पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों की बड़ी भूमिका रही है, लेकिन अब देश के अगले विकास चरण के लिए नए आर्थिक केंद्रों का उभरना जरूरी है।
उन्होंने ने कहा कि भारत की अगली एक ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए पूर्वी भारत का उदय आवश्यक है और इस दृष्टि से बंगाल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
अपने कोलकाता दौरे में यहां इंडियन चैंबर आफ कामर्स (आइसीसी) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अदाणी ने कहा कि भारत की अगली ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए पूर्व को उठना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बंगाल की भूमिका अनिवार्य है और मेरी नजर में भारत में शायद ही कोई दूसरा राज्य है, जिसके पास बंगाल जैसे रणनीतिक लाभ हों।
उन्होंने ने कहा कि बंगाल की भौगोलिक स्थिति इसे देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों में बदल सकती है। राज्य के पश्चिम में ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे खनिज एवं औद्योगिक क्षेत्र हैं, जबकि उत्तर और पूर्व में पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार स्थित है। वहीं बंगाल की खाड़ी के माध्यम से दक्षिण-पूर्व एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के तेजी से बढ़ते बाजारों तक रों सीधी पहुंच मिलती है।
बंगाल में मौजूद हैं विशाल संभावनाएं
अदाणी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के नजरिए से बंगाल केवल एक राज्य या बाजार नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक राष्ट्रीय केंद्र है, जिसमें विशाल संभावनाएं मौजूद हैं और अदाणी समूह इसी दृष्टिकोण से राज्य के भविष्य को देखता है।
उन्होंने उल्लेख किया कि आने वाले 10 वर्षों में अदाणी समूह राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने का इरादा रखता है। यह निवेश बंदरगाह, लाजिस्टिक्स, बिजली उत्पादन, बिजली पारेषण एवं वितरण, सड़क, पुल, रोपवे, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।
अदाणी ने कहा कि विकास को केवल कार्गो वाल्यूम, मेगावाट, टन या टेराबाइट जैसे आंकड़ों से नहीं मापा जाना चाहिए। विकास का वास्तविक पैमाना लोगों के जीवन पर पड़ने वाला प्रभाव होता है।
इसी सोच के तहत अदाणी ग्रुप कोलकाता के न्यूटाउन में 2,000 बिस्तरों वाले विश्वस्तरीय 'अदाणी आरोग्य मंदिर' की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है, जिसकी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ दिन में उन्होंने आधारशिला रखीं।
उन्होंने आगे कहा कि बंगाल के भविष्य के निर्माण के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। बंगाल की पहचान उसके घाटों, साहित्य, स्थापत्य कला, त्योहारों और सांस्कृतिक आत्मविश्वास से जुड़ी हुई है।
इसी भावना के तहत अदाणी समूह प्रतिष्ठित कुम्हारटोली घाट के पुनरुद्धार, बंगाल के कलाकारों को समर्पित विशेष दुर्गा पूजा कार्यक्रम, मां दुर्गा की विरासत को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के प्रयासों तथा ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के संरक्षण में भी सहयोग करेगा। उन्होंने ने कहा कि बंगाल को गुजरात बनने की जरूरत नहीं है।
बंगाल को अपने सबसे मजबूत स्वरूप में विकसित होना चाहिए, अपनी भौगोलिक स्थिति, बौद्धिक क्षमता, औद्योगिक विरासत और देश को दिशा देने की ऐतिहासिक क्षमता के आधार पर।
