बंगाल में पुलिस का एक्शन, नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में तृणमूल के पूर्व पंचायत प्रमुख गिरफ्तार
पूर्व तृणमूल कांग्रेस पंचायत प्रमुख बसंती बिस्वास को नौकरी दिलाने के नाम पर आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
HighLights
पूर्व तृणमूल पंचायत प्रमुख बसंती बिस्वास नौकरी धोखाधड़ी में गिरफ्तार।
पति निखिल बिस्वास भी इसी आरोप में पहले ही गिरफ्तार।
मुख्यमंत्री की जनसुनवाई के बाद हुई यह बड़ी कार्रवाई।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर की चारघाट पंचायत में तृणमूल कांग्रेस की पूर्व पंचायत प्रमुख बसंती बिस्वास को नौकरी दिलाने के नाम पर आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उनके पति, निखिल रंजन बिस्वास को पहले ही इसी आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह गिरफ्तारी तब हुई जब धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों ने इस दंपती के खिलाफ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से शिकायत की। राज्य में सरकार बदलने के बाद उनके खिलाफ स्थानीय थाने में कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। मुख्य आरोप जबरन वसूली और आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े हैं।
आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल के दौरान बसंती और उनके पति निखिल ने स्वरूपनगर के रहने वाले मजार अली समेत कई लोगों से मोटी रकम ली थी। इसके बदले में, उन्होंने उन सभी को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया था।
शिकायत करने वालों का कहना है कि उन्होंने 2023 में कई लाख रुपये दिए थे, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिली। बाद में उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन पैसे भी नहीं मिले। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो बिस्वास दंपती ने कथित तौर पर उन्हें धमकी दी।
शिकायत करने वालों का कहना है कि उन्होंने यह मुद्दा पहले भी उठाया था, लेकिन बसंती पर कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि उस समय उनकी अपनी पार्टी सत्ता में थी। सरकार बदलने के बाद, शिकायतकर्ता मजार अली समेत कई लोग न्याय की गुहार लेकर मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने मामला सुना और प्रशासन को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निखिल को 12 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और वह अभी भी न्यायिक हिरासत में है। उसकी पत्नी बसंती को सोमवार को गिरफ्तार किया गया।
