जागरण संवाददाता, कोलकाता । चालू वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में पश्चिम बंगाल में विदेशी निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य वित्त व उद्योग विभाग की ओर से इस बारे में बयान जारी कर जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि अप्रैल से जून महीने के बीच चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड विदेशी निवेश हुआ है।

केंद्र सरकार के औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि में 177.57 फीसद की बढ़ोत्तरी पश्चिम बंगाल केंद्रित विदेशी निवेश में हुई है जो उल्लेखनीय है। दावा किया गया है कि ममता बनर्जी की सरकार की औद्योगिक नीतियों में सुधार की वजह से ही यह निवेश बढ़ा है। खास बात यह है कि पूरे देश में इतनी अधिक बढ़ोत्तरी किसी राज्य में नहीं हुई है।

ये आंकड़े रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से लिए गए हैं। बंगाल के निकटतम प्रतिद्वंद्वी आंध्र प्रदेश था, जिसमें केवल 21.59 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। दूसरी तरफ, एफडीआई के शीर्ष पांच प्रवाहों में अन्य तीन राज्यों में विदेशी निवेश में गिरावट भी दर्ज की गई हैं। ये आंकड़े हैं - 78.66 फीसद कर्नाटक, 79.21 फीसद गुजरात और 81.27 फीसद महाराष्ट्र में, जिनमें से महाराष्ट्र और गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है।

वित्त विभाग की ओर से दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर निवेश और उद्योग नीतियों में बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया था, जिसका परिणाम यह हुआ कि ना केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पश्चिम बंगाल निवेश के लिए सबसे पसंदीदा जगह बन कर उभरा है।

यह राज्य सरकार की सफलता है। यह भी उम्मीद की गई है कि आगामी वर्ष में सात और आठ फरवरी को होने वाले बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन में भी दुनिया भर के कई देश उल्लेखनीय निवेश करेंगे, जिससे राज्य में उद्योग की बढ़ोत्तरी होने के साथ-साथ रोजगार भी बढ़ेगा और राजस्व में भी वृद्धि होगी।

 

Posted By: Preeti jha

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