राज्य ब्यूरो, कोलकाता। हुगली जिले के खानाकुल में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहां पानी में 80 हजार से अधिक लोग फंसे हुए हैं। कुछ लोगों को प्रशासन की मदद से निकालकर राहत शिविरों में लाकर रखा गया है। बाढ़ पीडि़तों का आरोप है कि प्रशासन की ओर  राहत सामग्रियां सही तरीके से नही दिए जाने से काफी दिक्कतें हो रही हैं। हुगली जिला प्रशासन का कहना है कि बाढ़ में फंसे 80 हजार लोगों के उद्धार का काम युद्धस्तर पर जारी है।

खानाकुल के 14 ब्लाॅक के 65 गांवों में बाढ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन इलाकों की सड़कें घर तथा दुकानें बाढ़ के पानी में डुबी हुई हैं। बुधवार को खानाकुल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का राज्य के श्रम मंत्री बेचाराम मन्ना ने जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने हालात को लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक की।

बेचाराम मन्ना ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए कुल 80 स्थानों पर राहत शिविर खोले गए हैं। दुर्गापुर बैरेज से लगभग एक लाख नौ सौ क्यूसेक पानी छोडे़ जाने से खानाकुल तथा इसके आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। स्थानीय प्रशासन सेना की मदद से बाढ में फंसे लोगों के उद्धार में लगी है ।

नाव और हेलीकॉप्टर की मदद से सेना के जवान पानी से घिरे हजारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब हुए हैं। खानाकुल में बाढ़ ने अपना कहर इस तरह बरपाया है कि लोग घर की छतों पर रहने को मजबूर हुए हैं। उन लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि खानाकुल के 65 गांवों के हजारों मिट्टी के घर बाढ़ में बह गए हैं तथा हजारो हेक्टेयर कृषि जमीन भी बर्बाद हो चुकी है। 

Edited By: Priti Jha