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तीस्ता नदी में डूब रहे नन्हे हाथी को मछुआरों ने बचाया, मां से मिलते ही भावुक हुआ बेबी एलीफेंट

Published: Mon, 21 Sep 2026 07:37 PM (IST)

मालबाजार में पांच मछुआरों ने तीस्ता नदी के तेज बहाव में बह रहे एक हाथी शावक को सुरक्षित बचाया और उसे उसकी मां से मिलाया।

HighLights

  1. पांच मछुआरों ने तीस्ता नदी से बहते हाथी शावक को बचाया।

  2. गजालडोबा क्षेत्र में नदी से निकालकर की हाथी की देखभाल।

  3. वन विभाग की सहायता से शावक को उसकी मां से मिलाया।

संवाद सूत्र, मालबाजार। तीस्ता नदी के तेज बहाव में बहकर आए एक हाथी शावक को पांच मछुआरों ने सुरक्षित बचाकर उसकी मां से मिला दिया। मछुआरों की इस पहल की इलाके में जमकर सराहना हो रही है।

स्थानीय लोगों के बीच ये पांचों मछुआरे अब किसी हीरो से कम नहीं हैं। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह गाजलडोबा इलाके के पांच मछुआरे रोज की तरह नाव लेकर तीस्ता नदी में मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर नदी में बहती किसी काली वस्तु पर पड़ी। पास जाकर देखने पर पता चला कि वह हाथी का बच्चा है।

मछुआरों ने हाथी के शावक को नदी से बाहर निकाला

मछुआरों ने तुरंत नाव को शावक के पास ले जाकर उसे नदी से बाहर निकाला। काफी देर तक नदी का पानी पीने और तेज बहाव में बहने के कारण हाथी का बच्चा कमजोर पड़ गया था।

मछुआरों ने उसकी देखभाल की, जिसके बाद वह कुछ देर में संभलकर खड़ा हो गया। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के काठामबाड़ी रेंज के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।

वनकर्मियों ने शावक को मां के पास पहुंचाया

वनकर्मियों ने हाथी के बच्चे की देखभाल शुरू करने के साथ ही उसकी निगरानी भी शुरू कर दी। इसी बीच शावक की तलाश में मादा हाथी भी घटनास्थल के आसपास पहुंच गई। वनकर्मियों ने जैसे ही शावक को छोड़ा, वह अपनी मां के पास पहुंच गया। मां और बच्चे के मिलने के बाद वनकर्मियों के साथ स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली।

वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि शावक अपनी मां के साथ चला गया है, लेकिन फिलहाल मां और बच्चे दोनों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल कदम उठाया जा सके।