कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के ठिकानों पर छापेमारी, वक्फ की जमीन पर कारोबार करने का आरोप
पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम की कोलकाता स्थित दो व्यावसायिक इकाइयों पर संस्थागत भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर कथित अनाधिकृत कब्जे के आरोप में छापेमारी की।

फिरहाद हकीम के ठिकानों पर छापेमारी (फाइल फोटो)
HighLights
फिरहाद हकीम की इकाइयों पर वक्फ जमीन कब्जे का आरोप।
संस्थागत भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने कोलकाता में की छापेमारी।
हकीम ने कहा, वक्फ बोर्ड को किराया देते हैं।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता । पूर्व मंत्री तथा कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम की टालीगंज सर्कुलर रोड स्थित दो व्यावसायिक इकाइयों पर संस्थागत भ्रष्टाचार निरोधक आयोग के अधिकारियों ने छापेमारी की। अधिकारियों ने लगभग आधे घंटे तक जांच की। इस दौरान नगर निगम के कर राजस्व और सर्वे विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, फिरहाद की दोनों व्यावसायिक इकाइयां वक्फ बोर्ड की जमीन पर स्थित हैं। आरोप है कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति होने के बावजूद लंबे समय से जमीन पर अनधिकृत कब्जा है।
कुछ दिन पहले भी इस पते पर अभियान चलाया गया था। मंगलवार को अधिकारियों ने एक कमरे में बैठक करने के बाद परिसर का निरीक्षण किया। जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत की जांच की जा रही है। जमीन के स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कोलकाता नगर निगम से वर्ष 1905 का नक्शा मांगा गया है।
फिरहाद बोले, वक्फ बोर्ड को देते हैं किराया
वहीं, फिरहाद हकीम ने कहा कि 1980 के दशक से उस जगह पर 42 संस्थाएं कारोबार कर रही हैं। करीब डेढ़ महीने पहले एक बड़ी कंपनी वहां प्रमोटिंग के लिए आई थी, जिसका उन्होंने विरोध किया था।
उनका कहना है कि जमीन पर कई कर्मचारी काम करते हैं और इसके हाथ से निकलने पर उनकी आजीविका प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी कंपनी वक्फ बोर्ड की जमीन पर होने के बावजूद बोर्ड को किराया देती है।
