राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पिछले कई दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे पद्मश्री से सम्मानित वयोवृद्ध कार्टूनिस्ट नारायण देवनाथ का मंगलवार को निधन हो गया। कोलकाता के बेल्व्यू अस्पताल में सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 97 वर्ष के थे। वह पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे। देवनाथ को बीते 24 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शरीर में कमजोरी समेत उनका हीमोग्लोबिन कम था। साथ ही वह उम्रजनित समेत अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे। इधर उनके निधन की खबर सामने आते ही कला से लेकर राजनीति जगत में शोक की लहर छा गई।

बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने उनके निधन को कला जगत के लिए बड़ी क्षति बताया है। बता दें कि बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने हाल में ही पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कार्टूनिस्ट देवनाथ के इलाज के लिए पांच लाख रुपये उपलब्ध कराए थे।

राज्यपाल और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ ने 11 दिसंबर को बीमार कार्टूनिस्ट देवनाथ से हावड़ा जिले के शिवपुर में उनके आवास पर जाकर मुलाकात भी की थी। वहीं, शारीरिक अस्वस्थता के कारण देवनाथ पिछले दिनों पद्मश्री पुरस्कार लेने भी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन नहीं जा सके थे। इसके बाद बीते 13 जनवरी को ही बंगाल सरकार में मंत्री अरूप राय और राज्य के गृह सचिव बीपी गोपालिका ने अस्पताल जाकर उन्हें पद्मश्री पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया था। देवनाथ को बीते 24 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शरीर में कमजोरी समेत उनका हीमोग्लोबिन कम था। साथ ही वह उम्रजनित समेत अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे।

दरअसल देवनाथ की कामिक्स स्ट्रिप्स को बंगाल में बच्चों के बीच एक पंथ का दर्जा प्राप्त है। बंगाली कामिक्स के इलस्ट्रेटर और ‘हांडा भोंडा’, ‘बातूल द ग्रेट’ तथा ‘नोनते फोनते’ के रचयिता देवनाथ को 2013 में पश्चिम बंगाल सरकार के सर्वोच्च सम्मान बंग भूषण से भी सम्मानित किया गया था। 

Edited By: Priti Jha