बंगाल में फर्जी डॉक्टर मामले में मेडिकल काउंसिल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, अध्यक्ष-सहअध्यक्ष के इस्तीफे की मांग
पश्चिम बंगाल में फर्जी डॉक्टरों के पंजीकरण मामले को लेकर भाजपा समर्थक चिकित्सकों ने वेस्ट बंगाल मेडिकल काउंसिल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

फर्जी डॉक्टर मामले में मेडिकल काउंसिल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)
HighLights
भाजपा समर्थक चिकित्सकों ने फर्जी डॉक्टर मामले पर प्रदर्शन किया।
मेडिकल काउंसिल अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की गई।
छह हजार पंजीकरणों की जांच जारी, काउंसिल ने आरोप नकारे।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। फर्जी चिकित्सकों के पंजीकरण के मामले में भाजपा समर्थक चिकित्सकों के एक वर्ग ने मंगलवार को साल्टलेक स्थित वेस्ट बंगाल मेडिकल काउंसिल के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने काउंसिल के अध्यक्ष सुदीप्त राय और उपाध्यक्ष सुशांत राय के इस्तीफे की मांग की।
इस दौरान दो बकरियों के गले में काउंसिल के अध्यक्ष सुदीप्त राय और पूर्व अध्यक्ष निर्मल माझी की तस्वीरें लटकाकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के बाद चिकित्सकों ने स्वास्थ्य मंत्री को स्वास्थ्य भवन में ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि काउंसिल की कार्यप्रणाली के कारण राज्य में फर्जी चिकित्सकों का मामला बढ़ा। विधाननगर दक्षिण थाने में अब तक पांच चिकित्सकों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है।
काउंसिल ने भी शेख यूनुस हसन, उत्तम माइती, हाफिजुर हलदर, जुल्फिकार मंडल और सैदुल हक का पंजीकरण रद करने की सूचना प्रकाशित की है। इनमें जुल्फिकार और सैदुल का पंजीकरण नंबर 36442 एक ही पाया गया।
छह हजार पंजीकरणों की हो रही जांच
स्वास्थ्य भवन के सूत्रों के अनुसार, 2010 से दूसरे राज्यों की मेडिकल काउंसिल के पंजीकरण के आधार पर राज्य में नाम दर्ज कराने वाले चिकित्सकों के दस्तावेजों की फिर से जांच की जा रही है। ऐसे पंजीकरणों की संख्या करीब छह हजार बताई जा रही है।
मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष सुदीप्त राय ने परिषद पर लगाए आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि पांच फर्जी चिकित्सकों का पंजीकरण पहले ही रद किया जा चुका है। साथ ही पिछले 10 वर्षों में दूसरे राज्यों से चिकित्सा शिक्षा पूरी कर राज्य में पंजीकरण कराने वाले चिकित्सकों के दस्तावेज भी जांचे जाएंगे।
