कोलकाता, जागरण संवाददाता। तारकेश्वर, वैद्यनाथ धाम और सुल्तानगंज में लगने वाले श्रवण मेला की व्यवस्था को लेकर पूर्व रेलवे प्रशासन ने कमर कस ली है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधाओं को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं करने का निर्णय लिया गया।

आपात स्थिति से निपटने के लिए स्टेशनों में मेडिकल टीम की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को फेयरली प्लेस स्थित मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में जीएम हरींद्र राव ने श्रवण मेला के लिए किए जा रहे व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि हावड़ा डिवीजन में पड़ने वाले तारकेश्वर, आसनसोल डिवीजन के वैद्यनाथ धाम तथा मालदा डिवीजन के सुल्तानगंज में लगने वाले श्रवण मेला में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। स्टेशनों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही वहां होने वाली हरेक हरकत पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की पुख्ता व्यवस्था की जाए।

श्रद्धालुओं की मदद के लिए स्काउट-गाइड्स के साथ ही सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की भी पर्याप्त तैनाती की जाए। उद्घोषणा के जरिए भी श्रद्धालुओं को ट्रेनों की सटीक जानकारी दी जाए। अंतिम समय पर ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के समय में बदलाव नहीं होना चाहिए। साफ सफाई के साथ ही पीने के पानी और प्रकाश की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए।

जलजमाव के मद्देनजर पानी की निकासी के लिए मोटर पंपों की व्यवस्था की जाए। जसीडीह और वैद्यनाथ धाम स्टेशनों में डीओटी फोन लगाया जाए। जीएम ने कहा कि श्रवण मेला के लिए आसनसोल डिवीजन में 66 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।

उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार के साथ तालमेल बनाकर एंबुलेंस की व्यवस्था करें। जीएम ने मेला अवधि में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 41 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन में रोका जाएगा। बैठक में हावड़ा, सियालदह, आसनसोल व मालदा डिवीजन के डीआरएम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे। 

Posted By: Preeti jha

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