कोलकाता, जागरण संवाददाता। East West Metro Project. देश का पहला अंडरवाटर मेट्रो टनल बनकर तैयार हो गया है। 520 मीटर लंबे टनल में ट्रैक बिछाने का काम भी जोरशोर से शुरू हो गया है। यह टनल हावड़ा से कोलकाता को जोड़ेगा। यह टनल कोलकाता की हुगली नदी 36 मीटर गहराई में बनाया गया है। बताया जा रहा है कि यह परियोजना मार्च 2022 तक पूरी हो जाएगी, लेकिन इसके आसार कम हैं। भले ही देश का पहला अंडरवाटर मेट्रो टनल बनकर तैयार हो गया हो, लेकिन इस परियोजना के विस्तृत हिस्से का काम अभी रुका हुआ है।

हाईकोर्ट ने लगाई रोक

कोलकाता के बहू बाजार में ईस्ट वेस्ट मेट्रो के कार्य की वजह से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसको देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने बहूबाजार इलाके में मेट्रो टनल के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही बंद पड़े टनल के निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर केंद्र सरकार से एक विशेषज्ञों द्वारा तैयार रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। बता दें कि खुदाई के दौरान पानी के रिसाव के कारण कोलकाता मेट्रो रेल निगम (केएमआरसी) ने काम बंद कर दिया था। केएमआरसी की ओर से कहा गया है कि अदालत की मंजूरी मिलने के बाद ही फिर से काम शुरू किया जाएगा।

सैकड़ों लोग हो गए थे बेघर

पिछले साल अगस्त के अंतिम सप्ताह में मेट्रो टनल की खुदाई के दौरान एक बफर फटने से बहूबाजार इलाके में भारी नुकसान हुआ था। घनी बस्ती वाले इस इलाके के कई मकानों में आईं दरारों से सैकड़ों लोग बेघर हो गए थे। इन क्षतिग्रस्त घरों के कम से कम 323 निवासियों को मेट्रो रेलवे की ओर से होटलों में ठहराया गया था।

8600 करोड़ में तैयार हुई परियोजना

भारत की सबसे पहली मेट्रो की शुरुआत 1984 में कोलकाता में हुई थी। यह नॉर्थ-साउथ मेट्रो थी। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो की शुरुआती लागत 4900 करोड़ रुपये थी और यह 14 किलोमीटर लंबा था। बाद में बदलाव और विलंब होने के कारण यह दूरी 17 किलोमीटर हो गई और परियोजना की लागत 8600 करोड़ रुपये पहुंच गई।

दो फेज में हो रहा मेट्रो का निर्माण

इस परियोजना से संबंधित एक अधिकारी ने बताया कि मेट्रो का निर्माण दो फेज में किया जा रहा है। कोलकाता मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट प्रोजेक्ट करीब 17 किलोमीटर लंबा है, जो सॉल्टलेक स्टेडियम से हावड़ा मैदान तक फैला है। पहला फेज सॉल्टलेक सेक्टर-5 से सॉल्टलेक स्टेडियम के बीच 5.5 किमी लंबा है। इस लाइन पर करुणामयी, सेंट्रल पार्क, सिटी सेंटर और बंगाल केमिकल मेट्रो स्टेशन मौजूद हैं। इस पर ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है। दूसरा फेज अंडरग्राउंड मेट्रो का 11 किलोमीटर लंबा है। बता दें कि ईस्ट वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के लिए 10.9 किलोमीटर लंबी सुरंग में से 9.8 किमी का काम पूरा हो चुका है।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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