कोलकाता, जागरण संवाददाता। कोलकाता महानगर की दुर्गा पूजा समितियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिऐ अनोखा तरीका अपनाया है। इसके तहत शहर के पश्चिमी किनारे पर स्थित खिदिरपुर 25 पल्ली में पंडाल को सजाने के लिए लगभग पांच लाख बोतलों का इस्तेमाल कर ग्लोबल वार्मिंग के प्रति जागरुकता पैदा की जा रही है।

इस थीम को पेश करने वाले कलाकार सनातन डिंडा ने कहा, प्लास्टिक की बोलतों के अलावा एयर कंडीशनरों के हिस्सों, पंखों की कॉइल और रेडियेटरों का इस्तेमाल पंडाल तक जाने वाला रास्ता बनाने के लिए किया गया है।हमारा मकसद घर-घर यह संदेश पहुंचाना है कि हर किसी को इलैक्ट्रोनिक कचरे के निपटारे को लेकर सचेत रहना चाहिये। वहीं शहर के लोकप्रिय पूजा पंडालों में से एक अहिरिटोला सर्बोजोनिन दुर्गोत्सव के लिए समिति के सदस्यों ने जलसंकट को थीम बनाने का फैसला किया है।

पूजा समिति के एक सदस्य तन्मय ने कहा, हम गुजरात के 1000 साल पुराने कुएं को फिर से बना रहे हैं। एक समय यह कई गांवों के लिए जल स्त्रोत हुआ करता था। उन्होंने कहा, इसी तरह, संतोषपुर झील पल्ली में बर्फ से ढकी लगभग 10 फुट ऊंची पहाड़ी भी पंडाल के प्रवेश द्वार को सुशोभित करेगी।

पूजा समिति के महासचिव सोमनाथ दास ने कहा कि लोगों को ग्लोबल वार्मिंग के मुद्दे को लेकर जागरुक करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, हम इस प्रतिकृति पहाड़ी के बर्फ को पिघलने से बचाने के लिए विशेष संरक्षण तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। मुझे आशा है कि हमारे प्रयास रंग लाएंगे और आगंतुकों को बढ़ते वैश्रि्वक तापमान के खतरों के बारे में कुछ सीखने को मिलेगा। इससे पहले कि बहुत देर हो जाए कदम उठाना बेहद जरूरी है। 

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Posted By: Preeti jha

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