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बंगाल: दुर्गापूजा पंडाल के छज्जे पर पंडुक ने दिए अंडे, चूजों के उड़ने तक सुरक्षित रहेगा पंडाल

Published: Sun, 25 Oct 2026 08:11 PM (IST)

हुगली के चुंचुड़ा में सुकांत स्मृति संघ ने दुर्गापूजा पंडाल में पंडुक के घोंसले और अंडों को देखते हुए उसे ...और पढ़ें

दुर्गापूजा पंडाल के छज्जे पर पंडुक ने दिए अंडे (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

दुर्गापूजा पंडाल के छज्जे पर पंडुक ने दिए अंडे (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

HighLights

  1. हुगली के चुंचुड़ा में दुर्गापूजा पंडाल में पंडुक ने दिए अंडे।

  2. समिति ने चूजों के उड़ने तक पंडाल सुरक्षित रखने का लिया निर्णय।

  3. यह पहल पक्षी संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश करती है।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता । दुर्गापूजा समाप्त होने के बाद पंडाल खोलने की तैयारी के बीच हुगली जिले के चुंचुड़ा स्थित सुकांतनगर में एक पूजा समिति ने पक्षियों के संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की है।

सुकांत स्मृति संघ ने अपने पंडाल के बांस के ढांचे में पंडुक के घोंसले में उसके अंडों को देखते हुए छज्जे का संबंधित हिस्सा फिलहाल सुरक्षित रखने का फैसला किया है। समिति के सदस्य तब तक इस हिस्से को नहीं हटाएंगे, जब तक अंडों से चूजे निकलकर उड़ना नहीं सीख लेते।

इस वर्ष क्लब का दुर्गापूजा पंडाल सांची स्तूप की तर्ज पर बनाया गया था। आयोजकों के अनुसार, पूजा से करीब 15 दिन पहले पंडुक ने पंडाल के बांस के ढांचे में घोंसला बनाया था। छत तैयार करने के दौरान जब चार अंडे दिखाई दिए, तो आयोजकों ने घोंसले के ऊपर तिरपाल लगाने के बजाय उस हिस्से को खुला छोड़ दिया।

बाकी हिस्से को हल्के कपड़े से ढक दिया गया। अब समिति ने तय किया है कि लोगों के आने-जाने की सुविधा के लिए पंडाल का कुछ हिस्सा खोल दिया जाएगा, लेकिन घोंसले के ऊपर का हिस्सा सुरक्षित रखा जाएगा। इस संबंध में पुलिस को भी मौखिक रूप से जानकारी दी गई है।

चूजों के उड़ने तक बरकरार रहेगा घोंसला

क्लब के सदस्य मनोज मंडल ने कहा कि अंडों से चूजे निकलने और उनके उड़ना सीखने तक पंडाल का संबंधित हिस्सा नहीं खोला जाएगा। जरूरत पड़ने पर पक्षियों के लिए किसी दूसरी सुरक्षित जगह की व्यवस्था भी की जाएगी।

क्लब के एक अन्य सदस्य श्यामल मजूमदार ने कहा कि वे घोंसले को नष्ट नहीं करना चाहते। स्थानीय निवासी भी समिति के इस फैसले से सहमत हैं। उनका कहना है कि यदि लोगों के आने-जाने में असुविधा नहीं होती, तो पक्षियों के उड़ने तक पंडाल का यह हिस्सा सुरक्षित रखा जाना चाहिए।