कोलकाता, विशाल श्रेष्ठ। एशिया का सबसे बड़ा रेडलाइट एरिया सोनागाछी भी दुर्गोत्सव के रंग में रंगा हुआ है।इस पूजा में सोनागाछी की 7,000 सेक्स वर्कर शामिल होती हैं । यहां रहने वाली सेक्स वर्कर इन दिनों मां दुर्गा की आराधना में लीन हैं। सेक्स वर्करों के संगठन दुर्बार महिला समन्वय समिति के तत्वावधान में दुर्बार दुर्गोत्सव कमेटी सात वर्षों से सोनागाछी के मस्जिद बाड़ी स्ट्रीट में दुर्गापूजा का आयोजन कर रही है, जिसमें यहां की 7,000 सेक्स वर्कर शामिल होती हैं। पूजा के दिनों में वे अपनी सारी दुख-तकलीफें भूलकर साथ मिलकर आदिशक्ति की आराधना करती हैं। दुर्गापूजा के आयोजन से लेकर विसर्जन तक की सारी जिम्मेदारियां सेक्स वर्कर ही संभालती हैं। पूजा कमेटी में 25 सेक्स वर्कर शामिल हैं।

पूजा के जरिए दे रहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश :

पूजा कमेटी की संयोजक बिशाखा लश्कर ने बताया-‘समाज ने भले हमें मान्यता न प्रदान की हो, लेकिन हम खुद को समाज का ही हिस्सा मानती हैं और अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग हैं इसलिए हमने ग्लोबल वार्मिंग जैसे गंभीर मसले को उठाते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है। हमारे थीम का नाम ‘ग्लोबल वार्मिंग कम करो, पृथ्वी को बचाओ’ है।

दुर्गा की 10 भुजाओं में पर्यावरण संरक्षण का संदेश लिखे बोर्ड :

बिशाखा ने बताया-‘हमारी दुर्गा प्रतिमा की 10 भुजाओं में अस्त्र-शस्त्र के बजाय पर्यावरण संरक्षण का संदेश लिखे बोर्ड हैं। इन बोर्ड में पानी की बर्बादी रोकने, प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने, पेड़ों की कटाई रोकने, पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों की जगह बिजली चालित वाहनों के इस्तेमाल पर जोर देने, नदी को प्रदूषित नहीं करने, कार्बन-डाईआक्साइड का उत्सर्जन कम करने जैसे संदेश लिखे हुए हैं। हमने महिषासुर को पर्यावरण के विध्वंसक के रूप में दर्शाया है, जिसका मां दुर्गा संहार कर रही हैं। इस अभिनव प्रतिमा को कुम्हारटोली के मशहूर मूर्तिकार प्रशांत पाल ने तैयार किया है। पूजा पंडाल में भी चित्रों के जरिए ग्लोबल वार्मिंग कम करने व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया है।

सेक्स वर्कर के हाथों हुआ पूजा पंडाल का उद्घाटन :

पूजा पंडाल का उद्घाटन सोनागाछी की एक सेक्स वर्कर के हाथों हुआ। पूजा के दिनों में शंखनाद व धुनुची नृत्य प्रतियोगिताओं के अलावा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है कि सोनागाछी के तहत रामबगान, सेठबगान, अविनाश कविराज स्ट्रीट, पलातक और रवींद्र सरणी का एक हिस्सा आता है। दुर्बार दुर्गोत्सव कमेटी की पूजा 2013 में शुरू हुई थी।

अन्य रेड लाइट एरिया में भी हो रही पूजा :

सोनागाछी की तरह बंगाल के आसनसोल, दुर्गापुर, कालना, बशीरहाट व विष्णुपुर के रेड लाइट एरिया की भी सेक्स वर्करों ने दुर्गापूजा शुरू की है। गौरतलब है कि बंगाल में कुल 60 रेडलाइट एरिया हैं।

Posted By: Preeti jha

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