विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

TMC के 20 बागी सांसदों पर अयोग्यता की तलवार: नोटिस की समय सीमा खत्म, स्पीकर से मांगा 2 हफ्ते का समय

Published: Thu, 08 Oct 2026 03:53 PM (IST)

तृणमूल छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए 20 बागी सांसदों ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की मांग वाली याचिका ...और पढ़ें

बागी टीएमसी सांसदों ने अयोग्यता नोटिस पर मांगा अतिरिक्त समय

बागी टीएमसी सांसदों ने अयोग्यता नोटिस पर मांगा अतिरिक्त समय

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। तृणमूल छोड़ एनसीपीआई में शामिल हुए 20 बागी सांसदों ने दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की मांग वाली याचिका पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा जारी नोटिस का जवाब देने के लिए दो और हफ्तों का समय मांगा है।

सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यह बयान उस समय आया है जब नोटिस का जवाब देने की समय-सीमा आज यानी 8 अक्टूबर को खत्म हो रही थी।

सांसदों ने दो और हफ्तों का मांगा समय 

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। NCPI के साथ जुड़ने वाले 20 बागी TMC सांसदों ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की मांग वाली याचिका पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा जारी नोटिस का जवाब देने के लिए दो और हफ्ते का समय मांगा है।

सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यह बयान ऐसे समय में उठाया गया है जब नोटिस का जवाब भेजने की समय-सीमा 8 अक्टूबर को खत्म हो रही थी।

बागी सांसदों में शामिल घोष दस्तीदार ने कहा कि सांसद अभी तक जवाब तैयार करने के लिए जरूरी सभी दस्तावेज इकट्ठा नहीं कर पाए हैं, इसलिए उन्होंने लोकसभा सचिवालय से और समय मांगा है।

घोष ने PTI से कहा, 'जवाब भेजने की हमारी समय-सीमा आज खत्म होने वाली है। हम लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर दो और हफ्ते का समय मांग रहे हैं।'

बागी सांसदों ने क्या कहा?

बता दें, लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को तय समय के भीतर जवाब देने के लिए 8 अक्टूबर तक का समय दिया था। हालांकि, समय-सीमा नजदीक आने पर भी उनकी कानूनी टीम जवाब तैयार नहीं कर पाई, जिसके कारण सांसदों को अतिरिक्त समय मांगना पड़ा।

दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका के बाद अयोग्यता के नोटिस जारी किए गए थे।

बागी सांसदों का कहना है कि TMC छोड़ने और NCPI के साथ जुड़ने के उनके फैसले से अयोग्यता की स्थिति नहीं बनती है। घोष दस्तीदार ने बताया कि इन 20 सांसदों की गुरुवार को दोपहर 3 बजे कोलकाता में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए एक जरूरी बैठक भी होनी है। इस बैठक में लोकसभा के नोटिस और आगे की कार्रवाई पर चर्चा होने की उम्मीद है।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)