जागरण संवाददाता, कोलकाता। टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम सैयद नूरूर रहमान बरकती के विवादस्पद बयान पर प्रदेश भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि भारत के मुसलमान राष्ट्रभक्त हैं। बरकती जितना भी बोल लें, देशभक्त मुसलमान ही उन्हें धक्का देकर देश से बाहर निकाल देंगे।

घोष ने कहा कि लगता है, बरकती को यहां रहने की इच्छा नहीं है। गौर हो कि मंगलवार को कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बरकती ने आरएसएस व भाजपा को सांप्रदायिक बताते हुए इनमें मुसलमानों को शामिल नहीं होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि मुसलमान कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस या माकपा में जा सकते हैं, लेकिन संघ परिवार व भाजपा में शामिल होने पर उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने फतवे का उल्लंघन करने वाले मुसलमानों के धार्मिक बहिष्कार की धमकी भी दी थी। उन्होंने जय श्री राम का नारा लगाने वालों के बारे में भी अपशब्द कहा था। प्रतिबंध के बावजूद उन्होंने लाल बत्ती वाली गाड़ी में भी चलने की बात कही थी। एक टीवी चैनल के साक्षात्कार में बरकती ने यहां तक कह दिया कि ममता बनर्जी क्या बोलेंगी, उन्हें तो उन लोगों ने ही सीएम बनाया है। उन्होंने भारत के हिंदू राष्ट्र घोषित होने पर जिहाद छेड़ने की भी धमकी दी है।

बरकती के इस देश व कानून विरोधी बयान का भाजपा ने कड़ा विरोध किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि बरकती को आखिर यह सब कुछ बोलने का अधिकार किसने दिया, वह देश के क्या हैं। कितने मुसलमान उन्हें मानते हैं। श्रीराम सुशासन के प्रतीक हैं। वह आदर्श हैं। उनका नाम लेना राष्ट्रीयता का परिचायक है।

हिंदुस्तान में अब बाबर का साम्राज्य नहीं, चलेगा रामराजः अरशद आलम

टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम सैयद नूरूर रहमान बरकती को बंगाल के मुसलमान नापसंद करते हैं। वह मुसलमानों के धर्मगुरु नहीं हैं, बल्कि जबरन टीपू सुल्तान मस्जिद के इमाम बन बैठे हैं। भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव अरशद आलम ने यह प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि मुसलमान बरकती के कहने पर नहीं चलते हैं। वे खुद समझदार हैं। उन्हें देश के बारे में खुद सोचने की क्षमता है। एक समय था कि जब देश के मुसलमान मौलाना सैयद अहमद बुखारी के कहने पर चलते थे। वह जमाना लद चुका है। मुसलमानों में अच्छे-बुरे की समझ है। आलम ने कहा कि 'बरकती का क्या अस्तित्व है। वह देश के क्या हैं'। उन्हें इस राज्य के मुसलमान सम्मान नहीं करते हैं। गौर हो कि मंगलवार को कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बरकती ने आरएसएस व भाजपा को सांप्रदायिक बताते हुए इनमें मुसलमानों को शामिल नहीं होने की बात कहीं थी।

उन्होंने संघ परिवार व भाजपा में शामिल होने वाले मुसलमानों को खामियाजा भुगतने की धमकी दी थी। उन्होंने जय श्री राम का नारा देने वालों के बारे में भी अपशब्द कहा था। बरकती के इस बयान पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव अरशद आलम ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने बरकती के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बरकती ने साबित कर दिया कि बाबर ने हिंदुओं पर अत्याचार किया था, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। हिंदुओं की सभ्यता व सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझना चाहिए।

हिंदुस्तान में अब किसी बाबर का साम्राज्य नहीं चलेगा बल्कि रामराज चलेगा। अरशद आलम ने कहा कि भाजपा या आरएसएस कभी भी सांप्रदायिक नहीं थे। ये हमेशा राष्ट्रहित में सोचते और काम करते हैं। भाजपा के संविधान में सांप्रदायिकता नहीं है। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है वहां मुसलमान खुशहाल हैं। असम में पश्चिम बंगाल से भी अधिक मुसलमान हैं, वहां भाजपा की सरकार है।

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Posted By: Sachin Mishra

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