राज्य ब्यूरो, कोलकाता : चक्रवाती तूफान को गुजरे तीन दिन हो चुके हैं, फिर भी इसने कोलकाता और आसपास के जिलों में सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करके रखा हुआ है। कोलकाता,  हावड़ा, नदिया, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, पूर्व मिदनापुर और  हुगली जिले के विभिन्न स्थानों पर तीन दिन से बिजली गुल है। बिजली नही होने के कारण पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई है। इसके कारण कोरोना के प्रकोप के बीच लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई है। आलम यह है कि कई स्थानों पर लोगों को एक-एक बाल्टी पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। इसे लेकर कोलकाता समेत विभिन्न जिलों में लोगों का भारी रोष देखने को मिल रहा है।

शुक्रवार की तरह ही शनिवार को भी लोगों ने विभिन्न जगहों पर बिजली-पानी को लेकर विरोध- प्रदर्शन किया। लोगों के इस तरह सड़क पर उतरने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा बढ़ गया है। राज्य के शहरी विकास मंत्री एवं कोलकाता नगर निगम के प्रशासक फिरहाद हकीम ने बताया कि हमने चक्रवाती तूफान में 200 से 300 पेड़ों के गिरने का अंदाजा लगाया था, लेकिन  5,000 से ज्यादा पेड़ उखड़ गए हैं। भारी संख्या में बिजली के खंभे भी गिर गए हैं, जिससे बिजली व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है।

प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है और लोगों की जरूरतें पूरी करने की कोशिश की जा रही है। कई जगहों पर पानी के टैंकर भेजकर लोगों को जल उपलब्ध कराया गया है। बिजली-पानी के साथ ही दूरसंचार व्यवस्था भी बुरी तरह ठप पड़ी हुई है। कई जगहों पर इंटरनेट का कनेक्शन नहीं है। केबल कनेक्शन भी ठप है, जिससे लोगों को दुनिया की जानकारी नहीं मिल पा रही है।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस