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बंगाल के पूर्व CM बुद्धदेव पर शुभेंदु अधिकारी की टिप्पणी से भड़की माकपा, मुख्यमंत्री के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी

Published: Thu, 29 Oct 2026 11:28 PM (IST)

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य पर मंदिर निर्माण संबंधी टिप्पणी से माकपा नाराज है, जिसने उन पर इतिहास विकृत करने का आरोप लगाया है।

शुभेंदु की बुद्धदेव पर टिप्पणी से बंगाल में विवाद गहराया

शुभेंदु की बुद्धदेव पर टिप्पणी से बंगाल में विवाद गहराया

HighLights

  1. शुभेंदु की बुद्धदेव पर टिप्पणी से बंगाल में विवाद गहराया

  2. माकपा ने शुभेंदु पर इतिहास और तथ्यों को विकृत करने का आरोप लगाया

  3. माकपा मुख्यमंत्री के खिलाफ अदालत जाने की तैयारी में है

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में मंदिर और धर्म को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बुद्धदेव भट्टाचार्य पर की गई टिप्पणी से माकपा नाराज है।

माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पर इतिहास और तथ्यों को विकृत करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अदालत जाने की चेतावनी दी।

शुभेंदु की बुद्धदेव पर टिप्पणी से बंगाल में विवाद गहराया

सलीम का कहना है कि बुद्धदेव ने कभी मंदिर निर्माण का विरोध नहीं किया था, बल्कि उनका बयान सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ था। विवाद की शुरुआत बुधवार को नवान्न में राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री की टिप्पणी से हुई।

माकपा को धर्मविरोधी और नास्तिक बताते हुए शुभेंदु ने दुर्गापूजा के दौरान वामपंथियों के पुस्तक स्टाल पर हमले से जुड़े सवाल के जवाब में पार्टी और पुस्तकों के संबंध पर भी कटाक्ष किया।

इसी दौरान उन्होंने बुद्धदेव भट्टाचार्य के एक पुराने बयान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मंदिर बनाने की कोशिश करने पर सिर फोड़ने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर माकपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

माकपा मुख्यमंत्री के खिलाफ अदालत जाने की तैयारी में है

पार्टी का कहना है कि बुद्धदेव के बयान को उसके मूल संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है। माकपा के अनुसार, 2009 में कोलकाता की एक जनसभा में बुद्धदेव ने सांप्रदायिक राजनीति के विरोध में कड़ा रुख अपनाया था। उस समय अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस और राम मंदिर के मुद्दे को लेकर देश की राजनीति में बहस जारी थी।

सलीम ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने जानबूझकर इतिहास और तथ्यों को विकृत किया है। उनके मुताबिक, बुद्धदेव का आशय मंदिर या किसी धार्मिक उपासना स्थल का विरोध करना नहीं, बल्कि धर्म के नाम पर सांप्रदायिक टकराव पैदा करने वाली राजनीति का विरोध करना था।

सलीम ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री को इस तरह कथित तौर पर गलत बयान देकर बच निकलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। मामला दायर करने के समय पत्रकार वार्ता कर संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की भी उन्होंने बात कही।