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बुजुर्ग महिला की हत्या में 13 साल बाद सजा, पूर्व तृणमूल पार्षद समेत आठ को उम्रकैद

Published: Tue, 22 Sep 2026 08:25 PM (IST)

झाड़ग्राम में 13 साल पुराने बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में अदालत ने पूर्व तृणमूल पार्षद गौरांग प्रधान समेत आठ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

झाड़ग्राम में बुजुर्ग महिला की हत्या मामले में फैसला

झाड़ग्राम में बुजुर्ग महिला की हत्या मामले में फैसला

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। झाड़ग्राम में 13 साल पुराने बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में अदालत ने पूर्व तृणमूल पार्षद गौरांग प्रधान समेत आठ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

झाड़ग्राम के द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अरविंद मिश्रा ने मंगलवार को सजा सुनाई। सभी को सश्रम कारावास भुगतना होगा।

बुजुर्ग महिला की हत्या मामले में फैसला

मामला 28 मई 2013 का है। झाड़ग्राम शहर के बेनागेड़िया इलाके में जमीन पर कब्जे को लेकर सावित्री सरकार का आरोपितों से विवाद हुआ था।

अभियोजन के अनुसार, इसी दौरान सावित्री के शरीर में आग लगा दी गई। गंभीर रूप से घायल सावित्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

उनके बेटे संजय सरकार की शिकायत पर झाड़ग्राम थाने में मामला दर्ज किया गया था। जांच में 10 लोगों के नाम सामने आए थे। इनमें तत्कालीन तृणमूल श्रमिक संगठन आइएनटीटीयूसी नेता गौरांग प्रधान भी शामिल था।

सुनवाई के दौरान एक आरोपित तारकनाथ प्रमाणिक की मौत हो गई, जबकि परेश घोष को अदालत ने बरी कर दिया। मामले में 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और सावित्री का मृत्यु पूर्व बयान भी अदालत में पेश किया गया।

दोषियों पर जुर्माना भी लगा

दोषी ठहराए गए आठ लोगों में गौरांग प्रधान, साधन सिंह, तापस दास उर्फ भोको, राणाप्रताप सिंह, गौर दंडपाट, राहुल मुखोपाध्याय, गौर सिंह और तन्मय दास शामिल हैं। गौरांग पर 15 हजार रुपये और बाकी सात दोषियों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

जुर्माना नहीं देने पर सभी को एक साल अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। गौरांग प्रधान 2022 के झाड़ग्राम नगर निकाय चुनाव में वार्ड दो से पार्षद चुना गया था।

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल का बोर्ड भंग होने पर उसने पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया था। सोमवार को दोषी ठहराए जाने के बाद सभी आठ लोगों को जेल भेज दिया गया था।