राज्य ब्यूरो, कोलकाता : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने दावा किया है कि कोयला और गो तस्करी के आरोपित तथा तृणमूल नेता विनय मिश्रा की तरह उसके माता-पिता भी देश छोड़ चुके हैं।सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक वे पिछले महीने भारत से कैरेबियन द्वीप समूह के ग्रेनेडा में शरण ली है।

बताते चलें कि सीबीआइ की ओर से चार बार नोटिस देने के बावजूद विनय मिश्रा के माता-पिता केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष हाजिर नहीं हुए थे। उसके बाद सीबीआइ की ओर से जांच शुरू हुई तब पता चला कि विनय मिश्रा के माता-पिता जुलाई के मध्य में देश छोड़कर चले गए हैं। सीबीआइ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उन्होंने भी विनय मिश्रा की तरह भारतीय नागरिकता छोड़ दी है।

जांच के घेरे में हैं विनय मिश्रा के माता पिता

-सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक विनय मिश्रा ने एलटीबी नाम से एक कंपनी खोल रखी है। उसके पिता तेज बहादुर मिश्रा और मां ललिता मिश्रा को उस कंपनी का निदेशक बनाया गया है। आरोप है कि इस कंपनी से विनय मिश्रा के खाते में कई बार बड़ी रकम जमा की जा चुकी है। केंद्रीय जांचकर्ता कंपनी के लेन-देन और आय के स्रोत को लेकर विनय मिश्रा के पिता और मां से जिरह करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में विनय मिश्रा पर दबाव बनाने के लिए सीबीआइ ने उसके माता-पिता को तीन बार तलब कर चुकी है। लेकिन वे अभी तक एक बार भी सामने नहीं आए हैं।

विनय मिश्रा को देश वापस लाने की कोशिश तेज

-इधर कोयला व गो तस्करी के आरोपित तृणमूल नेता विनय मिश्रा को देश वापस लाने की कोशिश तेज हो गई है। सीबीआइ सूत्रों ने बताया कि विनय मिश्रा को देश में वापस लाने के लिए अंतिम रणनीति बना ली गई है। विदेश मंत्रालय ने प्रशांत महासागर के वानुअतु द्वीप प्रशासन से किया संपर्क है, जहां विनय मिश्रा छिपा हुआ है। ऐसा सीबीआइ का दावा है। वानुअतु प्रशासन से विनय मिश्रा के पासपोर्ट संबंधी जानकारी मांगी गई है। हालांकि सीबीआइ ने विनय मिश्रा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए इंटरपोल से आवेदन भी किया है, लेकिन फिलहाल क्रियान्वित नहीं हुआ है। सीबीआइ का कहना है कि उसने वानुअतु द्वीप की नागरिकता भी ले ली है। बताते चलें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) विनय मिश्रा की करीब 172 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुका है।

Edited By: Vijay Kumar