'अपने बुजुर्ग माता-पिता को ओडिशा भेजने की कर ली थी तैयारी', CM शुभेंदु ने क्यों दिया बंगाल की जनता को धन्यवाद?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले वे अपने बुजुर्ग माता-पिता को ओडिशा भेजने की तैयारी में थे, लेकिन जनता ने बंगाल को बचा लिया

शुभेंदु ने कहा कि मेरी योजना थी कि मैं लड़ूंगा, जेल जाऊंगा, लेकिन उन दोनों को ओडिशा भेज दूंगा (फोटो: एएनआई)

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के हालात को देखते हुए वह अपने बुजुर्ग माता-पिता को ओडिशा भेजने तक की तैयारी कर रहे थे।
खुद संघर्ष जारी रखने और जरूरत पड़ने पर जेल जाने के लिए भी तैयार थे, लेकिन राज्य की जनता ने सत्ता परिवर्तन कर बंगाल को बचा लिया। शनिवार शाम कोलकाता स्थित नेशनल लाइब्रेरी (राष्ट्रीय पुस्तकालय) सभागार में आयोजित ‘राम-शरद कोठारी प्रतिभा सम्मान’ समारोह को संबोधित करते हुए शुभेंदु ने कहा कि इस बार जनता-जनार्दन ने बंगाल को बचा लिया। नहीं तो हम लोगों की क्या स्थिति होती, पता नहीं।
उन्होंने कहा कि मेरे पिताजी की उम्र 90 साल है और माताजी की उम्र भी 80 साल से अधिक है। मेरी योजना थी कि मैं लड़ूंगा, जेल जाऊंगा, लेकिन उन दोनों को ओडिशा भेज दूंगा। उन्होंने कहा कि बंगाल में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है।
गोहत्या नहीं होने देने का किया वादा
मुख्यमंत्री ने राज्य में गो संरक्षण को लेकर भी अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। बकरीद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में वह वचन देते हैं कि बंगाल में गोहत्या की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने गो संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय लोगों और संगठनों से आगे आकर राज्य में अधिक से अधिक गोशालाएं स्थापित करने का आह्वान किया और इसके लिए सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
शुभेंदु ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद बंगाल में अब भय का माहौल समाप्त हो चुका है और लोगों को खुलकर आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि पुरुलिया, कोलकाता और खड़गपुर में छोटी गोशालाएं संचालित हो रही हैं और राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसी गोशालाएं स्थापित करने की जरूरत है।
कोठारी बंधुओं की स्मृति में सड़क और पुरस्कार की पहल
राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अयोध्या में पुलिस फायरिंग में मारे गए कोलकाता के राम कोठारी और शरद कोठारी को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी स्मृति को स्थायी बनाने के लिए राज्य सरकार पहल करेगी।
उन्होंने राम-शरद कोठारी स्मृति संघ से बंगाल में किसी सड़क का सुझाव देने को कहा, जिसका नाम दोनों भाइयों के नाम पर रखा जा सके। इसके साथ ही कालेजों और विश्वविद्यालयों में उनके नाम पर पुरस्कार शुरू करने के सुझाव पर भी सरकार के सकारात्मक रुख की बात कही।
मुख्यमंत्री ने बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ राज्य की परंपरा और विरासत को सहेजना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी महत्व देगी।
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