विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'कोई साजिश नहीं मानवीय चूक है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा'; चोरबागान भगदड़ पर बोले सीएम शुभेंदु अधिकारी

Published: Mon, 26 Oct 2026 11:15 PM (IST)

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ को मानवीय चूक बताया, साजिश नहीं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और जवाबदेही तय करने का आश्वासन दिया।

चोरबागान भगदड़ पर बोले सीएम शुभेंदु अधिकारी

चोरबागान भगदड़ पर बोले सीएम शुभेंदु अधिकारी

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ को छोटी घटना या साजिश (षडयंत्र) बताकर खारिज करने के बजाय सरकार इसकी जिम्मेदारी तय करेगी। इस मामले में किसी भी दोषी को बचाया नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार शाम कोलकाता के मिलन मेला परिसर में आयोजित विजया सम्मेलन में यह बात कही। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मानवीय चूक की वजह से ये हादसा हुआ। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि चोरबागान की घटना को छोटी घटना या साजिश बताकर खारिज नहीं किया जाएगा। यह नया बंगाल है। जिसकी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हादसे की जांच के लिए हाई कोर्ट के परामर्श पर विशेष समिति (एसआइटी) गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट आने पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन और पूजा समितियों से सुझाव भी मांगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी काली पूजा व दिवावली, छठ, जगद्धात्री और कार्तिक पूजा के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाएगी, ताकि सभी आयोजन सुरक्षित, त्रुटि रहित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।

मुख्यमंत्री ने चोरबागान हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि इस घटना को छोड़कर इस बार राज्य में दुर्गा पूजा उत्सव सबसे शांतिपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस बार राज्य में रिकार्ड 58,000 से अधिक आयोजकों ने सामुदायिक दुर्गा पूजा का आयोजन किया। पिछले वर्ष की तुलना में यह 13,000 से अधिक है। शुभेंदु ने कहा कि यदि घरों में भी होने वाली दुर्गा पूजा को जोड़ दिया जाए तो इस बार कुल 66,000 पूजा हुई है।

पूजा के आयोजन के लिए किसी को नहीं जाना पड़ा हाई कोर्ट

मुख्यमंत्री ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बार पूजा के आयोजन के लिए किसी को हाई कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में लाउडस्पीकर बजाने और विसर्जन के मार्ग को लेकर कई तरह की पाबंदियां लगाई जाती थीं। हालांकि, उन्होंने इन समस्याओं के लिए किसी समुदाय को जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया।

शुभेंदु ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की विफलताओं के कारण ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई थीं। इस दौरान विवाद और हिंसा की घटनाएं भी होती थीं, लेकिन इस बार ऐसी स्थिति नहीं बनी।

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शुभेंदु ने कहा कि केवल यह कहना पर्याप्त नहीं है कि धर्म अलग-अलग हैं, लेकिन उत्सव सबके हैं। उन्होंने कहा कि धर्म जिसका है, उसका पालन व रक्षा की जिम्मेदारी भी उसी की है। यही परिवर्तन का बंगाल है।

चोरबागान हादसे में जान गंवाने वालों को दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत चोरबागान हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देकर की गई। मुख्यमंत्री ने 25 घायलों के परिवारों को मुआवजे का चेक भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार बड़े स्तर पर विजया सम्मेलन की योजना थी, लेकिन चोरबागान की घटना के चलते सादगी से मनाया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सीमित किया गया और ‘देवी सम्मान’ समारोह भी स्थगित रखने की घोषणा की। शुभेंदु ने कहा कि इस घटना को बयान करने के लिए शब्दकोश में भी कोई उपयुक्त शब्द नहीं मिलेगा। सरकार मृतकों के परिवारों के साथ स्थायी रूप से खड़ी रहेगी।

घायलों के निजी अस्पतालों में इलाज पर दी सफाई

चोरबागान हादसे के बाद 25 घायलों को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पतालों में स्थानांतरित किए जाने को लेकर उठे सवालों पर भी मुख्यमंत्री ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था और अब वे स्वस्थ हैं।

घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता थी। यह विफलता या अहंकार का मामला नहीं है। सरकारी अस्पतालों की तुलना में निजी अस्पतालों की सेवाएं बेहतर हैं। हमने अहंकार दिखाकर किसी को सरकारी अस्पताल में रोककर नहीं रखा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा गंगासागर मेले का आयोजन

मुख्यमंत्री ने आगामी गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने वर्ष 2017 में जेटी टूटने से 17 श्रद्धालुओं की मौत की घटना की याद दिलाते हुए कहा कि इस बार व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में कोई चूक न हो।

17 से 23 दिसंबर तक होगा कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव

मुख्यमंत्री ने आने वाले महीनों में कोलकाता में आयोजित होने वाले कई बड़े कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 17 से 23 दिसंबर तक कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा आठ और नौ जनवरी को पहली बार कोलकाता में प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें राष्ट्रपति शामिल होंगी।

27 से 31 जनवरी तक कोलकाता में चार दिवसीय वैश्विक ऊर्जा सम्मेलन (ऊर्जा सप्ताह) का भी आयोजन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से बंगाल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुख स्थान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।