कोलकाता, जयकृष्ण वाजपेयी। Cyclone Amphan: कोरोना महामारी के बीच बुधवार की शाम को आए भीषण तूफान एम्फन ने कोलकाता समेत बंगाल के कई जिलों में भीषण तबाही मचाई और इस विनाशकारी तूफान की चपेट में आने से 72 लोगों की जान चली गई। सन् 1737 के बाद सबसे बड़ा विनाशकारी तूफान ने कोरोना के संकट काल में बंगाल को भीषण रूप से तबाह कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ऐसा तूफान कभी देखा नहीं था। पांच लाख लोगों को सुरक्षित करने के बावजूद इतनी जानें चली गई। कई जिलों से संपर्क कट गया है। पीएम से अनुरोध है कि वे आकर बंगाल की त्रासदी को देखें और मदद दें।

हजारों मकान, पेड़-पौधे, करोड़ों रुपय की फसलें, दर्जनों दुकानें, सैकड़ों बिजली के खंभे, मोबाइल टावर, लैंप पोस्ट से लेकर कई वाहन, तटबंद, पुल व पुलिया तक धवस्त हो गए। महानगर की सड़कों पर जहां-तहां गिरे पेड़, बिजली और केबल के टूटे तार और खंभे, क्षतिग्रस्त हुई गाड़ियां, गलियों व सड़कों पर बिखरे शीशे, हावड़ा, पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण व उत्तर 24 परगना, नदिया व कोलकाता के कई इलाकों में गुल बिजली, कोलकाता एयरपोर्ट के रनवे पर जमा पानी, एयर इंडिया के हैंगर, थाना का ढहना और राज्य सचिवालय नवान्न की खिड़कियां व दरवाजे का टूटना, यह बताने को काफी है कि एम्फन की रफ्तार कितनी थी।

गुुरुवार को एम्फन से निपटने को गठित टास्क फोर्स के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने समीक्षा बैठक की और राहत व बचाव के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि विनाशकारी चक्रवात से राज्य में 72 लोगों की मौत की रिपोर्ट मुझे मिली है। इसमें सिर्फ कोलकाता में 15 जान गई है। वहीं, दक्षिण व उत्तर 24 परगना जिले में 35, हावड़ा में सात लोगों की मौत हुई है। यह मौत पेड़ व दीवारों में दबने और करंट लगने से हुई है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के स्वजनों को ढाई-ढाई लाख रुपये आर्थिक मदद देने का भी एलान किया है। ममता ने कहा कि मैंने कभी ऐसी तबाही कभी नहीं देखी। पांच लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। बावजूद इसके इतनी मौतें हुई हैं। सन् 1737 के बाद राज्य में आया यह सबसे खतरनाक चक्रवात था।

अनुमान से अधिक नुकसान

टास्कफोर्स के साथ बैठक के दौरान ही ममता ने मीडिया को बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने फोन किया था और उन्हें तबाही के बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने हर संभव मदद की बात कही है। ममता ने कहा कि कोरोना की वजह से राज्य की आर्थिक स्थिति पहले से ही काफी बदहाल है। ऐसे हालत में इस तूफान ने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। इसके बावजूद हमारी सरकार ने प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। राहत व बचाव के लिए एक हजार करोड़ रुपये का फंड तैयार किया गया है। संबंधित विभागों को तूफान से हुए नुकसान का आकलन और उठाए गए कदमों को लेकर सात दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। ममता ने कहा कि नुकसान को लेकर कुछ कहना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि ज्यादा प्रभावित इलाकों तक पहुंचना अभी संभव नहीं है। क्योंकि, संपर्क टूटा हुआ है। सिर्फ इतना कह सकते हैं कि जैसी तबाही है, उससे यही कह सकते हैं कि क्षति अपूरणीय है। आकलन के बाद सही जानकारी मिलेगी। अनुमान से अधिक नुकसान हुआ है।

बिजली-पानी,सड़क और संचार सेवा तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता और अन्य प्रभावित जिलों के बड़े हिस्सों में बिजली गुल है क्योंकि वहां बिजली के खंभे उखड़ गए। तूफान से कई संचार टावरों को नुकसान पहुंचने के कारण मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं। ऐसे में उन इलाकों के बारे में जानकारी जुटाने कि लए संचार व संपर्क स्थापित करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। बिजली, पानी, सड़क और संचार सेवा को तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया है।

शनिवार को दो जिलों का दौरा करेंगी सीएम

ममता ने कहा कि वह शनिवार को उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिले का दौरा कर तूफान प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगी। साथ ही, प्रभावित लोगों से भी मुलाकात करेंगी और मृतकों के स्वचजनों को आर्थिक मदद का चेक भी सौंपेंगी। साथ ही, अपने कई मंत्रियों को जिले भी आवंटित कर दिया जो उन जिलों में जाकर हालात का जायजा लेंगे और बचाव व राहत कार्य को देखेंगे।

चक्रवात से नुकसान का जायजा लेने के लिए आ रही ही है केंद्रीय टीम

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ममता से फोन पर बात के बाद केंद्र की ओर से चक्रवात से हुए नुकसान के लिए केंद्रीय टीम भेजी जा रही है जो यहां के हालात देखने के बाद रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगी।

बंगाल में तबाही मचाकर चक्रवाती तूफान ने किया बांग्लादेश की ओर रुख

राजधानी कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में भारी तबाही मचाने के बाद सुपर साइक्लोन ने अब बांग्लादेश की ओर रुख किया है। अलीपुर मौसम कार्यालय के निदेशक गणेश कुमार दास ने बताया कि तूफान कोलकाता से करीब 270 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व में बांग्लादेश पर केंद्रित है और अब इसका बंगाल पर और प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका नहीं है। हालांकि नदियां और मुर्शिदाबाद समेत बंगाल के विभिन्न जिलों में गुरुवार को भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मछुआरों को अभी भी अगले 24 घंटों तक समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है।

तूफान से सौरव के घर के निकट गिरा पेड़ तो खुद दादा लगे उठाने 

एम्फन ने बंगाल में काफी जान माल का नुकसान किया है। इस तूफान में बीसीसीआइ अध्यक्ष सौरव गांगुली उर्फ दादा के कोलकाता के बेहला स्थित आवास में आम का पेड़ भी धराशाई हो गया। इसके बाद उक्त पेड़ को दादा खुद ही एक अन्य युवक की मदद से उठाने में जुट गए। कुछ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें दादा और अन्य लोग रस्सी की मदद से आम के पेड़ को खींच रहे हैं। पेड़ उनके घर की बालकनी के समीप गिरी हुई दिखाई दे रही है और बॉलकनी से वे रस्सी से उसे खींच रहे हैं।

कोलकाता में बारिश से सड़क पर जमा पानी में मिले पांच शव

एम्फन चक्रवात ने कोलकाता में हर ओर तबाही मचा रखी है। इससे कोलकाता के कई इलाके जलमग्न हैं। गुरुवार को महानगर के बेहला क्षेत्र के पर्णोश्री इलाके में सड़क पर जमा पानी में एक के बाद एक पांच लोगों के शव उतरते हुआ दिखाई देने के बाद वहां हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने बताय कि सुबह पर्णोश्री झील के किनारे सड़क पर व्यक्ति का शव पानी में पड़ा था। स्थानीय लोगों के अनुसार संभवतः तूफान में बिजली का तार सड़क पर गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से इस व्यक्ति की मौत हुई है।

खबर मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम दोपहर के आसपास आई और जब वहां तलाशी ली गई तो एक-एक कर चार और शव मिले। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र से अब तक 5 उतारते हुए शव बरामद किए गए हैं। इस बात की जांच की जा रही है कि आसपास के इलाके में कहीं और शव तो नहीं है। इन लोगों की मौत कैसे हुई है इसकी जांच की जा रही है। पूरा शहर तहस-नहस हो चुका है। ऐसी कोई सड़क नहीं बची है, जहां पेड़ न गिरे हों।

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