यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गोबरडागा में भाजपा कार्यकर्ता और पुलिस के बीच संघर्ष, चटकी लाठियां
- हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भांजी लाठी - पुलिस को लक्ष्य कर भाजपा कार्यकर्ताओं न

- हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भांजी लाठी - पुलिस को लक्ष्य कर भाजपा कार्यकर्ताओं ने की पत्थरबाजी
संवाद सूत्र, बैरकपुर: रानाघाट के बाद अब गोबरडागा। फिर से एक बार ज्ञापन सौंपने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी। इसके जवाब में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। पुलिस को हिंसा पर उतारू भाजपा समर्थकों को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पत्थरबाजी की घटना में एक पुलिसकर्मी जख्मी हुआ है। वहीं लाठीचार्ज में भाजपा के 14-15 लोग घायल हुए हैं। कट मनी वापसी और बंद पड़े गोबरडागा अस्पताल को अविलंब खोलने की माग पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शनिवार की दोपहर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गोबरडांगा के नपा प्रधान को ज्ञापन सौंपने पहुंचे। नपा मुख्यालय के सामने तैनात पुलिस बल ने पहले से बैरिकेड बना रखा था। विरोध के मद्देनजर संभावित हंगामे को देखते हुए मौके पर रैफ के जवानों को भी तैनात किया गया था। भाजपा कार्यकर्ता नपा मुख्यालय की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने जिन्हें बीच में ही रोक दिया। इधर दूसरी सड़क से कुछ कार्यकर्ता पुलिस बैरिकेड को तोड़ दिए और पालिका में अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। उन्हें रोकने की कोशिश के दौरान भाजपा कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। वे लोग पुलिस से धक्का-मुक्की करने लगे। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को उत्पाती भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठी भांजनी पड़ी। इतना ही नहीं आंसू गैस के गोले भी दागे गए। इधर पुलिस को लाठी चलाते देख भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस को लक्ष्य कर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। संघर्ष की घटना में एक पुलिसकर्मी जख्मी हुआ है। वहीं लाठी की चोट से 14-15 भाजपा कार्यकर्ता जख्मी हुए हैं। उल्लेखनीय है कि गोबरडागा अस्पताल खोलने की माग पर भाजपा कार्यकर्ता विगत एक सप्ताह से धरना पर बैठे हुए थे। भाजपा का आरोप है कि पुलिस प्रशासन के असहयोग के कारण स्थिति जटिल हुई। नपा के चेयरमैन सुभाष दत्ता ने कहा कि पालिका के किसी भी काम के लिए जनता से कोई कट मनी नहीं लिए गए हैं। यदि किसी से कोई काम के लिए पैसा लिया गया है, तो उसे रसीद दी गई है। तृणमूल पर कट मनी का आरोप निराधार है। बता दें कि प्रशासनिक बैठक में गोबरडांगा अस्पताल खोलने की मांग उठाकर चेयरमैन सुभाष दत्ता ममता बनर्जी की नाराजगी का सामना कर चुके हैं। इससे वह इस्तीफे देने तक को आमादा हो गए थे। हालांकि बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया था।
