कोलकाता,जागरण संवाददाता। नोटबंदी के समय आइपीएस भारती घोष के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के एसपी रहने के दौरान स्वर्ण व्यवसायियों से अवैध वसूली के मामले की जांच कर रही सीआइडी ने एक और पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। उनका नाम राजशेखर पाइन है। उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। 

सीआइडी की ओर से बताया गया है कि वारदात के समय पाइन खड़गपुर लोकल थाने के ओसी थे। मंगलवार की दोपहर सीआइडी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पाइन व उनके रिश्तेदारों के घर तलाशी अभियान चलाकर कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस बारे में डीआइजी सीआइडी निशांत परवेज ने बताया कि उस समय यूनूस अली नाम के एक व्यवसायी ने शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उनकी गाड़ी से 45 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया था। 

उन्होंने बताया था कि रूटीन जांच के दौरान पुलिस ने उनकी गाड़ी सीज की थी जिसमें 45 लाख रुपये थे। इससे संबंधित कागजात भी यूनूस के पास थे। बाद में पुलिस ने गाड़ी तो छोड़ दी थी लेकिन उसमें रखे रुपये वापस नहीं मिले थे। उस समय भारती घोष एसपी थीं और पाइन खड़गपुर लोकल थाने के प्रभारी थे। उन्हीं की निगरानी में गाड़ी को सीज किया गया था। जांच के बाद पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पाइन को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ कर वारदात के तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।

ऑडियो जारी कर कहा, संयुक्त राष्ट्र की कमाई से बना है घर

कथित अवैध वसूली के मामले में पूर्व आइपीएस अधिकारी भारती घोष के खिलाफ गत एक फरवरी से लगातार छापेमारी कर रही सीआइडी को उन्होने एक बार फिर घेरा है। रविवार को उन्होंने नए सिरे से एक और ऑडियो जारी कर सीआइडी की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उन्होंने सीआइडी पर मीडिया को दिग्भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, 'वर्षो पहले मादुरदाहा के जिस आवास को सरकार की अनुमति से मेरे पति ने सारे वैध दस्तावेजों के साथ तैयार कराया है, उसे आज सीआइडी किस आधार पर लॉक कर रही है? भारती ने कहा कि 'सीआइडी कह रही है कि भारती का यह सफेद आवास काले धन से बना है, लेकिन पूरी दुनिया जानती है कि जब यह आवास बना था तब मैं राज्य में किसी पद पर काम नहीं कर रही थी।

उन्होंने कहा है कि, 'उस समय मैं संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन पर केनिया, सोमालिया आदि देशों में काम कर रही थी। तब मेरी मासिक सैलरी 2.5 करोड़ रुपये से अधिक थी, और संयुक्त राष्ट्र से मिलने वाला वेतन पूरी दुनिया में टैक्स फ्री होता है। उसी समय यह आवास तैयार किया गया है। सरकारी अनुमति से संबंधित सारे वैध दस्तावेज मेरे पास है। फिर सीआइडी लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिए कैसे कह सकती है कि यह घर काले धन से बना है?' उन्होंने कहा है कि, 'राज्य के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि किस तरह से सरकार जबरदस्ती उनके घरों को बंद कर रही है और मेरा (भारती) भी अधिकार है कि मैं सत्य को सामने लाऊं।' भारती ने चुनौती देते हुए कहा है कि, 'चाहे जिसके इशारे पर सीआइडी कार्रवाई करे, लेकिन झूठ को सच नहीं कर पाएगी।'

गिरफ्तार पुलिस अधिकारियों के रिश्तेदारों के घर सीआइडी रेड- पश्चिम मेदिनीपुर के दासपुर थाने में दर्ज अवैध वसूली के मामले में जांच कर रही सीआइडी ने रविवार को उन पुलिस अधिकारियों के रिश्तेदारों के घर भी तलाशी अभियान चलाया है, जिन्हें कथित संलिप्तता के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल शुक्रवार को सीआइडी की टीम ने शुभांकर दे और चित्ता पाल नाम के दो पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। शुभांकर इंसपेक्टर है और मामले में जिस समय का जिक्र किया गया है तब वे घाटाल के सर्किल इंस्पेक्टर थे जबकि पाल घाटाल थाने के ओसी के रूप में तैनात थे। रविवार को चित्ता पाल के ससुराल में सीआइडी ने तलाशी अभियान चलाया है। वहां से भी नकदी और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किया है। बताया गया है कि मामले में एक पाल के एक रिश्तेदार को भी हिरासत में लिया गया है। हालांकि सीआइडी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उल्लेखनीय है कि उक्त दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद दोनों के आवासों पर भी सीआइडी ने तलाशी अभियान चलाया था। इनमें से शुभांकर के घर से 40 लाख नकद जबकि चित्ता के घर से 16 लाख रुपये के साथ अन्य दस्तावेज बरामद किया था।

Posted By: Preeti jha