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बिना रस्मों और सिंदूर खेला के विसर्जित हुई चोरबागान की दुर्गा प्रतिमा, नम आंखों से मांगी क्षमा

Published: Sat, 24 Oct 2026 07:17 PM (IST)

चोरबागान सार्वजनीन की दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन बिना पारंपरिक रस्मों और सिंदूर खेला के किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने देवी से क्षमा मांगी।

बिना रस्मों के विसर्जित हुई चोरबागान दुर्गा प्रतिमा  (फोटो- PTI)

बिना रस्मों के विसर्जित हुई चोरबागान दुर्गा प्रतिमा (फोटो- PTI)

HighLights

  1. चोरबागान दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन बिना पारंपरिक रस्मों के संपन्न।

  2. भगदड़ में 19 मौतों के बाद नम आंखों से विदाई।

  3. पुलिस आरोपित उद्घोषकों के आवाज के नमूने लेगी जांच हेतु।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता । चोरबागान सावर्जनीन की दुर्गा प्रतिमा को अंतत: शनिवार को विसर्जित कर दिया गया। हालांकि न तो आदिशक्ति की विदाई की पारंपरिक रस्म हुई और न ही सिंदूर खेला का आयोजन किया गया। विसर्जन के समय स्थानीय लोगों ने भावुक होकर देवी दुर्गा से क्षमा मांगी।

मालूम हो कि चोरबागान सार्वजनीन के पंडाल में दुर्गापूजा की सप्तमी की शाम हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 25 घायल हुए थे। इस मामले में अब तक पूजा कमेटी के दो उद्घोषकों समेत कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

हादसे की जांच कर रहे विशेष जांच दल की प्रमुख व कलकत्ता हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता राय सरस्वती ने प्रतिमा विसर्जन पर सहमति दी थी, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया था कि जांच के उद्देश्य से पंडाल को पहले की स्थिति में रखा जाएगा।

इस निर्देश के बाद पूजा समिति ने शनिवार को प्रतिमा विसर्जन का निर्णय लिया। दोपहर करीब दो बजे लगभग 40 मजदूरों की मदद से प्रतिमा को पंडाल से बाहर निकाला गया। इसके बाद कुछ समय के लिए प्रतिमा को सेंट्रल एवेन्यू पर रखा गया, जहां स्थानीय लोग बड़ी संख्या में जुटे। वहां से प्रतिमा को निमतल्ला घाट ले जाया गया।

आरोपित उद्घोषकों की आवाज के नमूने लेने को पुलिस ने किया अदालत का रुख

पुलिस ने आरोपित उद्घोषकों की आवाज के नमूने लेने के लिए अदालत का रुख किया है। इनमें पूजा समिति के कोषाध्यक्ष संजीव राहा उर्फ सेंटू और कुशल मजूमदार शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने घटना के समय की घोषणाओं से जुड़े तीन से चार आडियो और वीडियो क्लिप जुटाए हैं। इनमें से कुछ रिकार्डिंग में लाउडस्पीकर से की गई घोषणाएं सुनाई दे रही हैं।

पुलिस अदालत से अनुमति मिलने के बाद दोनों आरोपितों की आवाज के नमूने लेकर रिकार्डिंग से उनका फोरेंसिक मिलान कराना चाहती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कथित तौर पर पंडाल का हिस्सा ढहने की घोषणा किसने की थी।

इस मामले में पुलिस ने अब तक करीब 60 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें हादसे में घायल हुए लोग, होमगार्ड, सिविक वालंटियर, निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी और स्थानीय लोग शामिल हैं।