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'उत्तर बंगाल में खाद्य प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं, विकसित भारत के विजन पर काम जारी'; सिलीगुड़ी में बोले चिराग पासवान

Published: Sat, 19 Sep 2026 11:10 PM (IST)

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सिलीगुड़ी में कहा कि उत्तर बंगाल में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं, ...और पढ़ें

उत्तर बंगाल में खाद्य प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं।

उत्तर बंगाल में खाद्य प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं।

HighLights

  1. उत्तर बंगाल में खाद्य प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

  2. मेगा फूड पार्क और कोल्ड चेन नेटवर्क विकसित किए जा रहे हैं।

  3. रोजगार मेले में युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। उत्तर बंगाल में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। इसे बढ़ावा देने के लिए मेगा फूड पार्क, कोल्ड चेन नेटवर्क, आधुनिक प्रयोगशालाएं और एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत सब्सिडी आधारित ऋण की व्यवस्था भी की गई है।

प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए इन संभावनाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। यह बातें केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने शनिवार को बंगाल के सिलीगुड़ी में कहीं।

केंद्रीय मंत्री शनिवार को सिलीगुड़ी पहुंचे थे। इस दौरान केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) सिलीगुड़ी यूनिट की ओर से आयोजित रोजगार मेले में उन्होंने 85 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। कार्यक्रम में सीजीएसटी कोलकाता जोन के चीफ कमिश्नर आर. श्रीनिवासा नायक समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि देश के युवाओं को व्यवस्था के साथ जोड़कर विकसित भारत के मिशन को मजबूत करने की दिशा में रोजगार मेला महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने बताया कि इस 20वें रोजगार मेले के माध्यम से देशभर में विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों में कुल 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना भी जरूरी है। रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिल रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में जिस ‘सप्तधारा’ का उल्लेख किया था, उसमें खाद्य प्रसंस्करण को दूसरे स्थान पर रखा गया था। उत्तर बंगाल में कृषि और बागवानी उत्पादों की उपलब्धता को देखते हुए यहां खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास की काफी संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी और पूरे उत्तर बंगाल में खाद्य प्रसंस्करण के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

चिराग पासवान ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विस्तार से किसानों और युवाओं दोनों को लाभ मिल सकता है। स्थानीय कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण होने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को सशक्त करने के साथ खाद्य प्रसंस्करण के विस्तार से रोजगार और राजस्व को भी बढ़ावा मिलेगा।