कोलकाता, [राज्य ब्यूरो] । राज्य में सांप्रदायिक ¨हिंसा को लेकर केंद्र के साथ ममता सरकार का टकराव जारी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक ओर जहां भाजपा पर सीधे तौर पर राज्य का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर कहा है कि विरोध करने पर उनके पीछे केंद्रीय एजेंसियों को लगाकर परेशान किया जा रहा है। बाहरी लोगों को बुलाकर राज्य में दंगा लगाने की साजिश चल रही है।

केंद्र सरकार ने बशीरहाट की सांप्रदायिक हिंसा पर राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की थी लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं भेजी गई है, जिसे लेकर केंद्र क्षुब्ध है। बताया गया है कि हिंसा के मुद्दे पर राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच टकराव होने पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खुद सुलह कराने की कोशिश की।

उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों से बातचीत की थी। राजनाथ के हस्तक्षेप के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच जो विवाद था, वह तो थम गया लेकिन ¨हसा के मुद्दे पर केंद्र और राज्य के बीच खींचतान बरकरार है। भाजपा के रवैए से ममता जहां क्षुब्ध हैं, वहीं केंद्र भी राज्य सरकार के रवैए से असंतुष्ट है।

 

पहाड़ में आंदोलन से लेकर राज्य में सांप्रदायिक हिंसा पर केंद्रीय गृह मंत्री ने खुद मुख्यमंत्री से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली थी लेकिन केंद्र के चाहने के बावजूद राज्य ने औपचारिक रूप से रिपोर्ट नहीं भेजी। उल्टे मुख्यमंत्री ने पहाड़ में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के आंदोलन को हवा देने का आरोप केंद्र पर मढ़ दिया।

केंद्र ने बशीरहाट में स्थिति को काबू करने के लिए केंद्रीय बल की चार कंपनियां भेजने की पेशकश की थी लेकिन मुख्यमंत्री ने यह कहकर लेने से इन्कार कर दिया कि हालात नियंत्रण में है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कुछ बाहरी तत्व और भाजपा के नेता मिलकर राज्य में दंगा लगाने की साजिश रच रहे हैं लेकिन वह खुद अपना घर जलने से बचाएंगी और इसके लिए उन्होंने स्थानीय लोगों को लेकर शांति वाहिनी गठित कर दी।

 

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Posted By: Preeti jha

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