कोलकाता,  जागरण संवाददाता। नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआइ द्वारा समन भेने जाने के उपरांत आज पूछताछ को एजेंसी के क्षेत्रीय मुख्यालय पहुंचे तृणमूल सांसद। उक्त मामले में तृणमूल के कई अन्य नेताओं से भी सीबीआइ पूछताछ कर चुकी है। दरअसल, साल 2016 में पार्टी के कई नेताओं रुपये लेते नजर आए थे। 

आवाज के नमूने के लिए कुल 10 लोगों को किया गया है तलब 

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने नारद स्टिंग आपरेशन कांड में बंगाल के पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी और आइपीएस अफसर एसएमएच मिर्जा की आवाज के नमूनों (वॉयस सैंपल) की जांच की। सीबीआइ सूत्रों ने यह जानकारी दी। 

मुखर्जी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के दस नेताओं और मंत्रियों में शामिल हैं जिन्हें सीबीआइ ने नारद स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो में कथित तौर पर नकदी लेते हुए देखे जाने पर आवाज के नमूनों की जांच के लिए तलब किया है। नारद न्यूज पोर्टल के सैमुअल मैथ्यू ने 2014 में स्टिंग ऑपरेशन किया था और उस समय ब‌र्द्धमान जिले के पुलिस अधीक्षक रहे वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा के आवाज के नमूनों की भी जांच की गई। सीबीआइ ने सोमवार को सुब्रत बनर्जी, सांसद काकुली घोष दस्तीदार, सांसद अपरूपा पोद्दार तथा आइपीएस एसएमएच मिर्जा को तलब किया था। अपरूपा ने बीमारी के चलते हाजिर नहीं हो पाने की जानकारी सीबीआइ को दे दी थी। साथ मेडिकल सर्टिफिकेट दाखिल कर एक माह तक सीबीआइ कार्यालय नहीं जा पाने की जानकारी भी दे दी थी। 

नारद न्यूज के सैमुअल मैथ्यू ने 2014 में एक स्टिंग ऑपरेशन किया था। स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलते-जुलते कुछ लोग और आइपीएस अधिकारी कुछ लाभ के बदले में एक काल्पनिक कंपनी के प्रतिनिधियों से पैसा लेते नजर आए थे। यह वीडियो 2016 में बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सामने आया था। सीबीआइ ने गत 31 अगस्त को इस घोटाले के संबंध में तृणमूल सांसद प्रसून बनर्जी की आवाज के नमूनों की जांच की थी। स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो में कथित तौर पर दिखाई दिए तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुल्तान अहमद की 2017 में निधन हो गया था। 

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Posted By: Preeti jha

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