राज्य ब्यूरो, कोलकाता। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने यस बैंक से करीब 466.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जांच और तेज कर दी है। मामले ‌में बुधवार ‌को कोलकाता के प्रिंस अनवर शाह रोड और नई दिल्ली के कुछ स्थानों पर सीबीआइ ने छापेमारी की। इस दौरान कुछ दस्तावेज भी जब्त किए हैं। बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

हालांकि, मामले में सीबीआइ के अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। मालूम रहे कि यस बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी आशीष विनोद जोशी ने गत 27 मई को सीबीआइ से धोखाधड़ी की शिकायत की थी। इसके आधार पर सीबीआइ ने अवंता समूह के प्रमुख गौतम थापर, रघुबीर कुमार शर्मा, राजेंद्र कुमार मंगल, तापसी महाजन व उनकी कपंनियों ऑयस्टर बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड, झाबुआ पावर लिमिटेड के कुछ अधिकारियों व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले में अभियुक्तों पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के लिए आपराधिक साजिश व धोखाधड़ी के आरोप हैं।

विनय मिश्रा मामले की सुनवाई से जज का इन्कार, अब हाई कोर्ट की अन्य बेंच में होगी सुनवाई

कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश कौशिक चंदा ने बुधवार को कोयला व गो-तस्करी कांड के मुख्य आरोपित व पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता विनय मिश्रा की अर्जी पर सुनवाई से इन्कार कर दिया। उन्होंने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से मामले को किसी और बेंच में स्थानांतरित करने की अपील की। आरोपित ने अपने खिलाफ सीबीआइ की चार्जशीट को रद करने की मांग की है। अब कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तय करेंगे कि किस न्यायाधीश की बेंच में मामले की सुनवाई होगी।

पिछले हफ्ते न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने मामले की सुनवाई की थी। हाई कोर्ट के समक्ष आरोपित के वकील ने पक्ष रखा था, पर बुधवार से न्यायाधीश तीर्थंकर घोष की सुनवाई का अधिकार क्षेत्र बदल गया और अब न्यायाधीश कौशिक चंदा के पास ऐसे आपराधिक मामलों की सुनवाई का अधिकार है। न्यायाधीश कौशिक चंदा के समक्ष बुधवार को विनय मिश्रा व सीबीआइ दोनों की ओर से पेश वकीलों ने मामले की पैरवी का आवेदन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति कौशिक चंदा ने मामले को अपनी सूची से हटा दिया और मामले को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया। 

Edited By: Priti Jha