पार्थ चटर्जी की जमानत रद करने की सीबीआई की अर्जी खारिज, प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में हैं आरोपित
सीबीआई विशेष अदालत ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी पार्थ चटर्जी की जमानत रद्द करने की सीबीआई की अर्जी खारिज कर दी है।

पार्थ चटर्जी की तस्वीर (फाइल)
HighLights
पार्थ चटर्जी की जमानत रद्द करने की अर्जी खारिज।
सीबीआई विशेष अदालत ने बीमारी के आधार पर फैसला सुनाया।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में हैं आरोपित।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपित बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को राहत मिली है। विधाननगर स्थित न्याय भवन की सीबीआई विशेष अदालत ने उनकी सशर्त जमानत रद करने की सीबीआई की अर्जी खारिज कर दी। सीबीआइ ने दलील दी थी कि जमानत की शर्त के बावजूद पार्थ जांच अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए थे।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 26 अगस्त, 2025 को इस मामले में पार्थ चटर्जी को सशर्त जमानत दी थी। जमानत की शर्तों में सप्ताह में एक दिन जांच अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना भी शामिल था।
जमानत के बात एक बार भी नहीं हुए पेश
हालांकि, जमानत मिलने के बाद पार्थ एक बार भी जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद सीबीआई ने उनकी जमानत रद करने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया।
बीमारी की दलील पर अदालत ने खारिज की अर्जी
सुनवाई के दौरान पार्थ के वकील बिप्लब गोस्वामी ने दलील दी कि पूर्व मंत्री गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। इसकी जानकारी सीबीआई को ईमेल के जरिये दी गई थी। इसके बावजूद जमानत रद करने की अर्जी दाखिल की गई।
सीबीआई को पता थी बीमारी की बात
अदालत ने टिप्पणी की कि सीबीआई पार्थ की बीमारी से अवगत थी। सशर्त जमानत रद करने के लिए ठोस आधार जरूरी है, लेकिन इस मामले में सीबीआइ की अर्जी में पर्याप्त मजबूत तर्क नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने आवेदन खारिज कर दिया।
